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Lipid Profile Test क्यों करवाते हैं डॉक्टर, इससे दिल की बीमारी का कितना संकेत मिलता है? NIH और NLM के हवाले से जानिए जवाब

Lipid Profile Report Meaning: लिपिड प्रोफाइल टेस्ट क्या होता है? LDL, HDL और Triglycerides की जांच से दिल की बीमारी का कितना जोखिम पता चलता है? NIH, NLM और Cleveland Clinic की रिसर्च के आधार पर जानिए।

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भारत

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Dimple Yadav

Jun 16, 2026

Lipid Profile Test Lipid Panel Test Cholesterol Test

Lipid Profile Test को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)

Lipid Profile Test: हेल्थ चेकअप के दौरान डॉक्टर अक्सर यह सलाह देते हैं। लेकिन बहुत से लोग लिपिड प्रोफाइल टेस्ट का नाम तो सुनते हैं, पर यह नहीं जानते कि यह टेस्ट आखिर बताता क्या है। क्या सिर्फ कोलेस्ट्रॉल मापने के लिए इसे किया जाता है या इससे दिल की बीमारी का भी पता चलता है?

लिपिड प्रोफाइल सिर्फ एक ब्लड टेस्ट नहीं, बल्कि आपके दिल और रक्त वाहिकाओं की सेहत की एक महत्वपूर्ण झलक है। यही कारण है कि हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हृदय रोगों के जोखिम का आकलन करने में इसका उपयोग किया जाता है।

Lipid Profile Test क्या होता है?

लिपिड प्रोफाइल एक रक्त जांच है, जिसमें खून में मौजूद विभिन्न प्रकार के फैट (लिपिड्स) को मापा जाता है। Cleveland Clinic के अनुसार इस टेस्ट में आमतौर पर चार प्रमुख चीजों की जांच की जाती है:

  • कुल कोलेस्ट्रॉल
  • LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल)
  • HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल)
  • ट्राइग्लिसराइड्स

इन सभी की रिपोर्ट मिलाकर डॉक्टर यह समझने की कोशिश करते हैं कि आपके दिल और धमनियों पर कितना जोखिम मौजूद है।

डॉक्टर Lipid Profile Test क्यों लिखते हैं?

यदि किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान की आदत या परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो, तो डॉक्टर लिपिड प्रोफाइल कराने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा नियमित हेल्थ चेकअप का हिस्सा भी यह टेस्ट हो सकता है, क्योंकि कई बार कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के बावजूद कोई लक्षण दिखाई नहीं देते।

LDL और HDL में क्या अंतर है?

LDL को अक्सर बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है। जब इसका स्तर बढ़ता है तो यह धमनियों की दीवारों में जमा होकर ब्लॉकेज का कारण बन सकता है। वहीं HDL को गुड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है क्योंकि यह अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल को हटाकर लिवर तक पहुंचाने में मदद करता है। यही वजह है कि डॉक्टर LDL कम और HDL ज्यादा रखने की सलाह देते हैं।

क्या Lipid Profile से हार्ट अटैक का पता चल जाता है?

यह एक आम गलतफहमी है। लिपिड प्रोफाइल हार्ट अटैक का सीधा निदान नहीं करता। हालांकि NIH के National Library of Medicine (NLM) में प्रकाशित शोध के अनुसार LDL, HDL और Triglycerides के स्तर हृदय रोग के जोखिम का महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। यानी यह टेस्ट यह बताने में मदद करता है कि भविष्य में हृदय संबंधी समस्या होने की आशंका कितनी हो सकती है।

Triglycerides क्यों महत्वपूर्ण हैं?

Triglycerides खून में मौजूद एक प्रकार का फैट है। यदि इसका स्तर लगातार बढ़ा हुआ रहता है, तो हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है, खासकर तब जब HDL कम और LDL ज्यादा हो।

टेस्ट से पहले क्या तैयारी करनी होती है?

कुछ मामलों में डॉक्टर 9 से 12 घंटे के उपवास (फास्टिंग) के बाद लिपिड प्रोफाइल कराने की सलाह दे सकते हैं। हालांकि आधुनिक गाइडलाइंस में कई स्थितियों में बिना फास्टिंग के भी जांच की जाती है। इसलिए हमेशा डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें।

रिपोर्ट खराब आने पर क्या करें?

यदि लिपिड प्रोफाइल में कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स बढ़े हुए आते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर आमतौर पर जीवनशैली में बदलाव, खानपान में सुधार, नियमित व्यायाम और जरूरत पड़ने पर दवाओं की सलाह देते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।