10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

किस उम्र के लोगों को लेनी चाहिए कितने घंटे की नींद? कम नींद होने से क्या नुकसान, नींद में रोज मर्रा की कौन सी आदतें बाधक

Sleep Duration By Age: किस उम्र में कितने घंटे सोना चाहिए? कम नींद से सेहत पर क्या असर पड़ता है और रोजमर्रा की कौन-सी आदतें नींद खराब कर सकती हैं? आइए जानते हैं, अच्छी और पर्याप्त नींद के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
2 min read
Google source verification
Better Sleep Tips, Lack Of Sleep Effects

Sleep Problems (representative image) image credit chatgpt

How Much Sleep Is Enough: पर्याप्त नींद न लेने से थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने और याद रखने में परेशानी जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही, लंबे समय तक नींद की कमी स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है। आइए जानते हैं कि किस उम्र में कितने घंटे की नींद लेना जरूरी है, कम नींद से क्या नुकसान हो सकते हैं और रोजमर्रा की कौन-सी आदतें अच्छी नींद में बाधा बन सकती हैं।

उम्र के हिसाब से कितने घंटे की नींद जरूरी है?

नींद शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन हर उम्र में इसकी जरूरत अलग-अलग हो सकती है। Cleveland Clinic के अनुसार, उम्र के हिसाब से औसत नींद की जरूरत इस प्रकार है:

  • 0 से 3 महीने: 14 से 17 घंटे।
  • 4 से 12 महीने: 12 से 16 घंटे।
  • 1 से 2 साल: 1 से 14 घंटे।
  • 3 से 5 साल: 10 से 13 घंटे।
  • 6 से 12 साल: 9 से 12 घंटे।
  • 13 से 18 साल: 8 से 10 घंटे।
  • 19 से 64 साल: 7 से 9 घंटे।
  • 65 साल और उससे अधिक: 7 से 9 घंटे।

कम नींद होने पर क्या नुकसान हो सकते हैं?

अगर कोई व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता है, तो इसका असर उसके दिनभर के कामकाज और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। Cleveland Clinic के अनुसार, नींद की कमी से दिन में नींद आना, थकान, चिड़चिड़ापन, सोचने और ध्यान लगाने में परेशानी तथा प्रतिक्रिया देने की गति धीमी होना जैसे लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक नींद की कमी से हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है और डिप्रेशन व एंग्जायटी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। वहीं, Mayo Clinic के अनुसार, नींद की समस्या होने पर दिन में थकान या नींद आना, उदासी या चिंता, किसी काम पर फोकस करने में परेशानी और रोजमर्रा के कामों में गलतियां होने की समस्या हो सकती है।

रोजमर्रा की कौन-सी आदतें नींद में बाधा बन सकती हैं?

NHS के अनुसार, तनाव और चिंता नींद आने में परेशानी पैदा कर सकते हैं। शोर, कमरे का बहुत गर्म या ठंडा होना, असहज बिस्तर, देर रात बहुत ज्यादा खाना, शराब, कैफीन और निकोटीन भी नींद को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सोने से कम से कम 6 घंटे पहले चाय-कॉफी, शराब और धूम्रपान से बचने की सलाह दी जाती है।

अच्छी नींद के लिए इन बातों का रखें ध्यान

NHS के अनुसार, जब नींद आ रही हो तभी बिस्तर पर जाना, रोज एक ही समय पर उठना, सोने से पहले कम से कम एक घंटे आराम करना, कमरे को अंधेरा और शांत रखना, दिन में नियमित व्यायाम करना और आरामदायक गद्दे, तकिए और कवर का इस्तेमाल करना नींद की आदतों को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही सोने से पहले गर्म पानी से नहाना, किताब पढ़ना या धीमा संगीत सुनना जैसी आरामदायक गतिविधियां भी सोने में मदद कर सकती हैं।

ध्यान दें अगर नींद की समस्या कई महीनों से बनी हुई है, नींद की आदतों में बदलाव करने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है या नींद की समस्या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

बड़ी खबरें

View All

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल