
गॉलब्लेडर में पथरी क्यों बनती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Gallbladder Stone Cause: गॉलब्लेडर (पित्ताशय) हमारे शरीर का एक छोटा सा अंग होता है, जो पेट के दाहिने हिस्से में लिवर (जिगर) के ठीक नीचे स्थित होता है। इसका मुख्य काम लिवर द्वारा बनाए गए पित्त (Bile) को जमा करना होता है, जो भोजन में मौजूद वसा (Fat) को पचाने में मदद करता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, जब पित्त में पाए जाने वाले तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो यह जमा होकर कठोर कणों का रूप ले लेता है। इन्हें ही गॉलब्लेडर की पथरी (Gallstones) कहा जाता है। यह पथरी रेत के दाने जितनी छोटी से लेकर गोल्फ की गेंद जितनी बड़ी भी हो सकती है। आइए आम बोलचाल की आसान भाषा में समझते हैं कि पित्ताशय में पथरी क्यों बनती है और इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, पित्ताशय में पथरी बनने की कोई एक वजह नहीं होती, बल्कि इसके पीछे नीचे दिए गए मुख्य कारण जिम्मेदार हो सकते हैं;
1. पित्त में कोलेस्ट्रॉल की अधिक मात्रा- अगर आपका लिवर जरूरत से ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बनाने लगता है और पित्त उसे पूरी तरह से घोल नहीं पाता, तो यह बचा हुआ कोलेस्ट्रॉल जमा होकर क्रिस्टल और फिर पथरी बन जाता है। ज्यादातर पथरियां कोलेस्ट्रॉल से ही बनी होती हैं।
2. पित्त में बिलीरुबिन का बढ़ना- बिलीरुबिन एक ऐसा रसायन है जो शरीर में पुरानी लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के टूटने पर बनता है। लिवर सिरोसिस, पित्त नली में इन्फेक्शन या खून की कुछ बीमारियों के कारण लिवर बहुत ज्यादा बिलीरुबिन बनाने लगता है, जो पथरी का रूप ले लेता है।
3. गॉलब्लेडर का पूरी तरह खाली न होना- अगर पित्ताशय पूरी तरह या सही तरीके से खाली नहीं होता, तो उसमें मौजूद पित्त गाढ़ा होने लगता है। यह गाढ़ा पित्त (Sludge) आगे चलकर पथरी बनने का कारण बनता है।
1.महिलाओं में अधिक खतरा- पुरुषों की तुलना में महिलाओं में पथरी होने की संभावना ज्यादा होती है। इसकी वजह एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन है, जो गर्भनिरोधक गोलियों, हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी या गर्भावस्था के दौरान बढ़ जाता है।
2. मोटापा और वजन- अधिक वजन या मोटापा होने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। वहीं, अगर कोई बहुत तेजी से वजन घटाता है (जैसे क्रैश डाइट से), तो भी गॉलब्लेडर में पथरी का खतरा बढ़ जाता है।
3. उम्र और पारिवारिक इतिहास- 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और जिन परिवारों में पहले से किसी को पथरी की समस्या रही हो, उनमें इसका जोखिम ज्यादा होता है।
4. गलत खान-पान- भोजन में बहुत ज्यादा फैट (वसा), रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और कम फाइबर वाली चीजें शामिल करना।
5. डायबिटीज- मधुमेह के मरीजों में ट्राइग्लीसराइड (एक प्रकार का फैट) ज्यादा होने के कारण पथरी का खतरा रहता है।
अगर आपको पेट के ऊपरी हिस्से में ऐसा तेज दर्द हो रहा है कि बैठना या सही पोजीशन पाना मुश्किल हो जाए, त्वचा या आंखें पीली दिखने लगें, या तेज बुखार के साथ उल्टी हो, तो तुरंत आपातकालीन (Emergency) डॉक्टरी सहायता लें। समय पर अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) जांच कराने से गॉलब्लेडर की पथरी का आसानी से पता लगाया जा सकता है, जिससे आगे होने वाले गंभीर इन्फेक्शन से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
09 Aug 2026 06:06 pm
Published on:
09 Aug 2026 06:06 pm
