
Cancer prevention diet : कैंसर विश्व भर में एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है, और इसके बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य वैज्ञानिकों और चिकित्सकों को इसके रोकथाम के उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया है। आहार और पोषण कैंसर के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभिन्न शोधों से यह स्पष्ट हुआ है कि संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर आहार अपनाकर कैंसर से बचाव किया जा सकता है।
Best foods to fight cancer : प्राकृतिक खाद्य पदार्थों, जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, और फलियां, में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, और खनिज होते हैं, जो कोशिकाओं को मुक्त कणों से बचाते हैं। कई अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग अधिक मात्रा में फलों और सब्जियों का सेवन करते हैं, उनमें कैंसर का जोखिम कम होता है। विशेष रूप से, क्रूसीफर सब्जियां जैसे ब्रोकोली और फूलगोभी में ऐसे यौगिक होते हैं जो कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में सहायक होते हैं।
मोटापा
सूजन (इन्फ्लेमेशन)
अस्वस्थ आहार
जीवनशैली
धूम्रपान
शारीरिक निष्क्रियता
राष्ट्रीय व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संस्थान (NIOSH) के अनुसार, अमेरिका में कैंसर से होने वाली कुल मौतों में से लगभग 1/3 को केवल आहार परिवर्तन द्वारा रोका जा सकता है।"
मोटापा हृदय रोग, मधुमेह और कैंसर जैसी बीमारियों से सीधा जुड़ा हुआ है। कैंसर के लगभग 20% मामले मोटापे के कारण होते हैं। लंबे समय तक अधिक कैलोरी का सेवन करने से इंसुलिन, IGF-1, सेक्स हार्मोन और अन्य सूजनकारी तत्व असामान्य रूप से बढ़ जाते हैं, जिससे कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।
शरीर में विटामिन D का निम्न स्तर भी कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है। स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक विटामिन D का स्तर 30 ng/ml से अधिक होना चाहिए। इसे प्राप्त करने के लिए:
आहार (दूध, मछली, अंडे, बीफ लिवर आदि)
धूप (15-20 मिनट प्रतिदिन)
पूरक आहार (Dietary supplements) (1000 IU प्रति दिन, लेकिन चिकित्सक से परामर्श लें)
कुछ पोषक तत्व विशेष रूप से कैंसर रोकने में सहायक होते हैं। यह मुख्यतः फलों और सब्जियों में पाए जाते हैं। इनका सेवन एक स्वस्थ जीवनशैली के साथ मिलाकर किया जाए, तो कैंसर से बचाव संभव हो सकता है।
ग्रीन टी: इसमें कैटेचिन नामक तत्व होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकते हैं।
बेरीज़: इनमें फ्लेवोनोइड्स होते हैं, जो सूजन को कम करने और कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को रोकने में मदद करते हैं।
हल्दी: इसमें करक्यूमिन नामक तत्व होता है, जो सूजन कम करता है और कैंसर रोधी गुणों से भरपूर होता है।
गाजर, पालक और टमाटर: इनमें कैरोटेनॉयड्स होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करते हैं।
ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी: ये क्रूसिफेरस सब्जियां हैं, जो कैंसर से लड़ने वाले फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होती हैं।
कोको: इसमें फ्लेवोनोइड्स और प्रोनथोसाइनिडिन्स होते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रदान करते हैं।
सोया उत्पाद: इनमें आइसोफ्लेवोन्स होते हैं, जो कैंसर के खतरे को कम करने में सहायक होते हैं।
अभी तक के शोध बताते हैं कि विटामिन और खनिजों को आहार से प्राप्त करना बेहतर होता है बजाय इसके कि उन्हें सप्लीमेंट्स के माध्यम से लिया जाए। किसी भी सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य लें।
कैंसर से बचाव के लिए आहार और पोषण संबंधी सामान्य सुझाव
- साबुत अनाज, फल, सब्जियां और दालों से भरपूर आहार लें।
- प्रतिदिन कम से कम 30 ग्राम फाइबर का सेवन करें।
- पांच या अधिक सर्विंग्स फल और सब्जियां खाएं।
जंक फूड और अधिक वसा, स्टार्च तथा चीनी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करें।
इनका अधिक सेवन मोटापा बढ़ाता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
लाल और प्रोसेस्ड मीट का सेवन सीमित करें।
प्रति सप्ताह 18 औंस (100 ग्राम/दिन) से अधिक न खाएं।
प्रोसेस्ड मीट (बेकन, सॉसेज, डेली मीट) का सेवन बहुत कम करें।
चीनी युक्त पेय पदार्थों और जूस का सेवन सीमित करें।
यह मोटापा और उच्च रक्त शर्करा के स्तर से जुड़ा हुआ है।
शराब का सेवन सीमित करें।
पुरुष: दो या उससे कम ड्रिंक्स/दिन
महिलाएं: एक या उससे कम ड्रिंक/दिन
अपने शरीर के वजन को संतुलित रखें।
अधिक शारीरिक गतिविधियों में संलग्न रहें।
यह हार्मोन संतुलन, प्रतिरक्षा प्रणाली और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है।
तनाव प्रबंधन के लिए ध्यान, योग और व्यायाम करें।
हमारे जीवनशैली और आहार में छोटे-छोटे बदलाव करके हम कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं। हालांकि, कुछ कारक जैसे अनुवांशिक प्रवृत्ति और पर्यावरणीय जोखिम हमारे नियंत्रण में नहीं होते, लेकिन आहार, शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। स्वस्थ आदतों को अपनाएं और दीर्घायु तथा रोगमुक्त जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।
डिसक्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी केवल जागरूकता के लिए है और यह किसी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी दवा या उपचार को अपनाने से पहले विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लें। हैं