
एक तरफ और दोनों तरफ होने वाले लक्षणों में अंतर (photo- freepik)
Unilateral vs Bilateral Symptoms: क्या कभी डॉक्टर ने आपसे पूछा है कि दर्द एक तरफ है या दोनों तरफ? या फिर मेडिकल रिपोर्ट में Unilateral और Bilateral जैसे शब्द देखकर आप उलझ गए हों? सुनने में ये शब्द मुश्किल लग सकते हैं, लेकिन इनका मतलब बेहद आसान है।
नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) के मेडिकल शब्दकोश के अनुसार, Unilateral का मतलब शरीर की एक तरफ से जुड़ी समस्या है। वहीं Bilateral का मतलब शरीर के दाएं और बाएं, दोनों तरफ असर होना है।
मान लीजिए आपके सिर के सिर्फ दाएं हिस्से में दर्द है, एक आंख में परेशानी है या केवल एक पैर में सूजन है। ऐसी स्थिति को डॉक्टर Unilateral यानी एक तरफ होने वाली समस्या कह सकते हैं। NCI की Unilateral परिभाषा के अनुसार, यह शब्द शरीर की एक तरफ से जुड़ी स्थिति बताने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण के तौर पर एक तरफ सिरदर्द, एक आंख में कम दिखाई देना, एक कान से कम सुनाई देना या एक पैर में दर्द जैसी परेशानी को एकतरफा लक्षण कहा जा सकता है। हालांकि इन लक्षणों की वजह अलग-अलग बीमारियां हो सकती हैं।
अगर परेशानी शरीर के दाएं और बाएं दोनों हिस्सों को प्रभावित कर रही है, तो इसे Bilateral यानी दोनों तरफ की समस्या कहा जाता है। NCI की Bilateral परिभाषा के अनुसार, यह शब्द शरीर के दाएं और बाएं दोनों हिस्सों को प्रभावित करने वाली स्थिति के लिए इस्तेमाल होता है। जैसे दोनों आंखों में परेशानी, दोनों पैरों में सूजन, दोनों घुटनों में दर्द या दोनों कानों से कम सुनाई देना।
जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं, तो केवल यह कहना कि 'दर्द हो रहा है' पूरी जानकारी नहीं देता। दर्द शरीर के किस हिस्से में है और एक तरफ है या दोनों तरफ, यह जानकारी डॉक्टर को समस्या समझने में मदद कर सकती है। यही वजह है कि डॉक्टर अक्सर पूछते हैं, दर्द दाएं है या बाएं? दोनों पैरों में सूजन है या सिर्फ एक में? एक आंख प्रभावित है या दोनों? ध्यान रखें, Unilateral और Bilateral किसी बीमारी के नाम नहीं हैं। ये केवल यह बताते हैं कि कोई लक्षण या स्थिति शरीर की एक तरफ है या दोनों तरफ।
जरूरी नहीं। शरीर की एक तरफ दर्द होने का मतलब अपने आप कोई गंभीर बीमारी नहीं है। इसी तरह दोनों तरफ दर्द होना भी किसी खास बीमारी की पुष्टि नहीं करता। समस्या कितने समय से है, दर्द कितना तेज है और साथ में दूसरे लक्षण क्या हैं, डॉक्टर इन सभी बातों को देखकर जांच की जरूरत तय करते हैं।
अगर एक तरफ या दोनों तरफ होने वाला दर्द लगातार बना हुआ है, तेजी से बढ़ रहा है या रोजमर्रा के काम में परेशानी पैदा कर रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लें। अचानक शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन जैसे गंभीर बदलाव होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
11 Jul 2026 01:23 pm
Published on:
11 Jul 2026 01:23 pm
