
C-Section के बाद इन 7 बदलावों पर रखें नजर (photo- freepik)
C-Section Healing Signs: सी-सेक्शन से बच्चे को जन्म देने के बाद मां का ज्यादातर ध्यान अपने नवजात पर रहता है। लेकिन इसी बीच एक सवाल बार-बार मन में आता है, क्या ऑपरेशन के टांके सही से भर रहे हैं? कट के आसपास दर्द क्यों हो रहा है? निशान लाल क्यों दिख रहा है? कई महिलाएं इन बदलावों को देखकर घबरा जाती हैं, जबकि कुछ परेशानियां शरीर के ठीक होने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती हैं।
ऑपरेशन के शुरुआती दिनों में टांकों और कट के आसपास दर्द होना आम है। NHS के अनुसार, कुछ महिलाओं को कई सप्ताह तक दर्द महसूस हो सकता है। हालांकि समय के साथ दर्द धीरे-धीरे कम होना चाहिए।
शुरुआत में ऑपरेशन वाली जगह के आसपास हल्की सूजन दिखाई दे सकती है। जैसे-जैसे घाव भरता है, सूजन कम हो सकती है। अगर सूजन बढ़ रही है या उसके साथ तेज दर्द है, तो डॉक्टर से बात करें।
NHS घाव को रोज धीरे से साफ करने और अच्छी तरह सुखाने की सलाह देता है। अगर टांकों से पस या बदबूदार पानी नहीं निकल रहा है, तो यह राहत की बात हो सकती है।
ऑपरेशन के बाद कट का निशान शुरुआत में लाल दिखाई दे सकता है। समय के साथ इसका रंग हल्का पड़ सकता है। लेकिन लालपन लगातार बढ़ रहा हो या आसपास की त्वचा गर्म महसूस हो, तो जांच जरूरी हो सकती है।
शुरुआती दिनों में बिस्तर से उठना, बैठना या चलना मुश्किल लग सकता है। शरीर ठीक होने के साथ धीरे-धीरे चलने-फिरने में आसानी महसूस हो सकती है। हल्का चलना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन शरीर पर ज्यादा जोर न डालें।
जैसे-जैसे शरीर ठीक होता है, नहाना, चलना और दूसरे सामान्य काम पहले से आसान लग सकते हैं। NHS के अनुसार, गाड़ी चलाने, व्यायाम करने और बच्चे से भारी सामान उठाने जैसे काम शुरू करने में लगभग छह सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है।
सी-सेक्शन का निशान तुरंत गायब नहीं होता। शुरुआत में यह लाल और गहरा दिखाई दे सकता है, लेकिन समय के साथ इसका रंग हल्का पड़ सकता है।
अगर टांकों के आसपास लालपन, दर्द या सूजन लगातार बढ़ रही है, घाव से पस या बदबूदार पानी निकल रहा है, बहुत ज्यादा खून आ रहा है या तेज दर्द हो रहा है, तो इसे सामान्य समझकर न टालें। NHS के अनुसार, सांस लेने में परेशानी या पैर के निचले हिस्से में दर्द और सूजन भी गंभीर संकेत हो सकते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
11 Jul 2026 01:04 pm
Published on:
11 Jul 2026 01:04 pm
