
हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक दोनों अलग चीजें हैं।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Heart Failure Symptoms: हार्ट फेलियर शब्द सुनते ही सबसे पहले जहन में आता है कि दिल ने काम करना बंद कर दिया और सब खत्म। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं, तो आप अकेले नहीं हैं। लेकिन सच यह नहीं है। हार्ट ऑर्गनाइजेशन और एनएचएस का कहना है कि हार्ट फेलियर का मतलब दिल का पूरी तरह रुक जाना नहीं है। तो फिर इसका असली मतलब क्या है? और इससे शरीर में क्या दिक्कतें आती हैं? आइए समझते हैं हार्ट फेलियर क्या होता है इस दौरान शरीर में क्या होता है।
नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है। हार्ट फेलियर और हार्ट अटैक दोनों अलग चीजें हैं। हार्ट फेलियर का सीधा सा मतलब है कि आपका दिल थोड़ा थक गया है या कमजोर हो गया है। वह धड़क तो रहा है, लेकिन उसमें अब उतनी ताकत नहीं बची कि वह पूरे शरीर में सही तरीके से खून को पंप कर सके। यानी दिल काम तो कर रहा है, पर अपनी पूरी क्षमता से नहीं।
हमारा दिल पूरे शरीर में ऑक्सीजन और खून पहुंचाने का इंजन है। जब इंजन ही धीमा पड़ जाएगा, तो कुछ न कुछ दिक्कत तो आएगी ही। ऐसे में शरीर ये इशारे देने लगता है;
बिल्कुल हो सकती है! इसे पूरी तरह जड़ से मिटाना भले ही मुश्किल हो, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि जिंदगी थम गई। सही समय पर डॉक्टर को दिखाना, उनके मुताबिक दवाइयां लेना और अपनी आदतों में थोड़ा सुधार करना (जैसे खाने में नमक कम करना, रोज थोड़ी सैर करना और वजन संभालना) आपको एक लंबी और अच्छी जिंदगी दे सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
11 Jul 2026 10:38 am
Published on:
11 Jul 2026 10:38 am
