
20 से 65 की उम्र में कितने साल में कराएं Cholesterol Test (photo- freepik)
Cholesterol Test: अभी तो उम्र सिर्फ 20-25 साल है, कोलेस्ट्रॉल की जांच की क्या जरूरत? युवाओं के बीच यह सोच आम है। अक्सर कोलेस्ट्रॉल को 40 या 50 की उम्र के बाद होने वाली परेशानी मान लिया जाता है। लेकिन कम उम्र और बाहर से फिट दिखने का मतलब यह नहीं कि खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर हमेशा ठीक ही होगा।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की कोलेस्ट्रॉल जानकारी के अनुसार, बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के अक्सर कोई साफ लक्षण नहीं होते। इसका स्तर जानने के लिए खून की जांच, जिसे लिपिड पैनल कहा जाता है, की जाती है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार, शरीर को कोशिकाएं और हार्मोन बनाने के लिए कुछ कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है। लेकिन खून में इसकी मात्रा ज्यादा होने पर दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। खास बात यह है कि बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल कई बार चुपचाप रहता है। यानी आपको न दर्द होगा, न चक्कर और न ही कोई ऐसी परेशानी जिससे तुरंत इसका पता चल जाए। इसलिए जांच ही इसका स्तर जानने का आसान तरीका है।
MedlinePlus की Cholesterol Levels Guide के अनुसार, 20 से 65 वर्ष की उम्र के युवा वयस्कों को आमतौर पर हर 5 साल में कोलेस्ट्रॉल की जांच करानी चाहिए। वहीं 45 से 65 वर्ष के पुरुषों और 55 से 65 वर्ष की महिलाओं को हर 1 से 2 साल में जांच कराने की सामान्य सलाह दी गई है। 65 वर्ष से अधिक उम्र में हर साल जांच की सिफारिश की जाती है। हालांकि जांच कितनी बार होगी, यह उम्र, परिवार में बीमारी का इतिहास और दूसरे जोखिमों पर निर्भर कर सकता है।
अगर आप दुबले हैं तो भी बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता। MedlinePlus के अनुसार, खानपान, बढ़ा हुआ वजन, शारीरिक गतिविधि की कमी और धूम्रपान कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा उम्र और परिवार से मिले जीन भी भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि कम उम्र के लोगों में भी बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल पाया जा सकता है।
कोलेस्ट्रॉल की जांच में सिर्फ एक नंबर नहीं देखा जाता। MedlinePlus के अनुसार, लिपिड पैनल में आमतौर पर कुल कोलेस्ट्रॉल, LDL, HDL, Non-HDL और ट्राइग्लिसराइड्स की जानकारी मिलती है। LDL को अक्सर खराब कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, क्योंकि इसकी अधिक मात्रा धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से जुड़ी है। वहीं HDL को अच्छा कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है।
अगर परिवार में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल, कम उम्र में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का इतिहास है, तो डॉक्टर से जांच के समय को लेकर बात करें। खराब खानपान, कम शारीरिक गतिविधि और धूम्रपान जैसी आदतें भी जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
11 Jul 2026, 3:55 PM IST
Published on:
11 Jul 2026, 3:55 PM IST
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