
शरीर में दर्द को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- freepik)
High Cholesterol Symptoms: हाई कोलेस्ट्रॉल को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि ज्यादातर लोगों में इसके कोई सीधे लक्षण दिखाई नहीं देते। यही वजह है कि कई बार लोगों को तब पता चलता है जब हार्ट अटैक, स्ट्रोक या दिल की दूसरी गंभीर समस्या सामने आ जाती है।
हालांकि, अगर शरीर की धमनियों (Arteries) में कोलेस्ट्रॉल की परत जमने लगे और खून का प्रवाह प्रभावित होने लगे, तो कुछ तरह के दर्द और असहजता महसूस हो सकती है। Mayo Clinic और American Heart Association के अनुसार हाई कोलेस्ट्रॉल खुद दर्द नहीं करता, लेकिन इसके कारण होने वाली धमनियों की रुकावट दर्द की वजह बन सकती है।
यदि चलने, सीढ़ियां चढ़ने या थोड़ी दूरी तय करने पर पैरों में दर्द, भारीपन या ऐंठन महसूस होती है और आराम करने पर ठीक हो जाती है, तो यह Peripheral Artery Disease (PAD) का संकेत हो सकता है। यह स्थिति तब बनती है जब धमनियों में प्लाक जमा होकर रक्त प्रवाह कम कर देता है।
Mayo Clinic के अनुसार जब दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियां संकरी होने लगती हैं, तो सीने में दर्द या दबाव महसूस हो सकता है। इसे एंजाइना (Angina) कहा जाता है। यह दर्द खासकर शारीरिक मेहनत या तनाव के दौरान बढ़ सकता है।
अगर पैरों में हमेशा ठंडापन महसूस हो, त्वचा का रंग बदलने लगे या छोटे घाव भी जल्दी न भरें, तो यह कमजोर रक्त प्रवाह का संकेत हो सकता है। ऐसी समस्या हाई कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी धमनियों की रुकावट के कारण हो सकती है।
Mayo Clinic स्पष्ट रूप से कहता है कि हाई कोलेस्ट्रॉल के आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते। इसका पता केवल ब्लड टेस्ट से ही लगाया जा सकता है। इसलिए केवल शरीर में दर्द के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है।
यदि आपको बार-बार पैरों में दर्द, सीने में जकड़न, सांस फूलना या रक्त प्रवाह से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाएं। समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर हाई कोलेस्ट्रॉल से होने वाले गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
14 Jun 2026 10:23 am
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