स्वास्थ्य

क्रोनिक किडनी डिजीज का होम्योपैथी व आयुर्वेद में भी है कारगर इलाज

किडनी बीमारियों की पहचान के लिए ब्लड यूरिया, सिरम क्रिएटिनिन, सिरम इलेक्ट्रोलाइट व किडनी फंक्शन टेस्ट कराते हैं। 40 की उम्र के बाद ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के मरीजों को ब्लड प्रेशर, एचबीए1सी की जांच कराते हैं। इसका इलाज होम्योपैथी व आयुर्वेद में भी किया जाता है।

less than 1 minute read
Mar 14, 2019
क्रोनिक किडनी डिजीज का होम्योपैथी व आयुर्वेद में भी है कारगर इलाज

किडनी बीमारियों की पहचान के लिए ब्लड यूरिया, सिरम क्रिएटिनिन, सिरम इलेक्ट्रोलाइट व किडनी फंक्शन टेस्ट कराते हैं। 40 की उम्र के बाद ब्लड प्रेशर, डायबिटीज के मरीजों को ब्लड प्रेशर, एचबीए1सी की जांच कराते हैं। परिवार में किसी को किडनी रोग है तो अन्य को खास खयाल रखना चाहिए। इसका इलाज होम्योपैथी व आयुर्वेद में भी किया जाता है।

स्थिति अनुसार तय करते दवा की पोटेंसी
होम्योपैथी में इलाज किया जाता है। सामान्य सावधानियां बरतनी होती हैं। एलोपैथी के साथ होम्योपैथी दवाएं ले सकते हैं। खट्टी चीजों से परहेज करें। बैक्टीरिया, फंगल से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) होता है। बुखार, कंपकंपी व पैरों में सूजन आती है। इसके लिए लाइकोपोडियम, कैन्थारिस, नैट्रमम्यूर दवाएं देते हैं। स्टोन यदि दाहिनी तरफ है तो लाइकोपोडियम व बर्बैरिस बल्गैरिस, हाइड्रेन्जिया जैसी दवाएं देते हैं। दवाओं की पोटेंसी व मात्रा चिकित्सक तय करते हैं। अपने मन से दवाएं न लें।
क्रॉनिक बीमारी में औषधियां भी कारगर
मरीजों में घरेलू नुस्खे के साथ आयुर्वेदिक दवाएं कारगर होती हैं। अदरक, प्याज, लहसुन का प्रयोग किडनी के लिए फायदेमंद है। क्रॉनिक किडनी बीमारी का आयुर्वेद में इलाज किया जाता है। इसमें प्रयोग होने वाली औषधियों चन्द्रप्रभा वटी, वरुणादी क्वाथ, तृण पंचमूल क्वाथ, पुनर्नवा, मुक्तापंचामृत आदि देते हैं। पंचकर्म चिकित्सा पद्धति से भी मरीजों को लाभ मिलता है। ये औषधियां आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही लें। नियमित अनुलोम-विलोम से भी काफी फायदा मिलता है।
एक्सपर्ट :
- डॉ. सुचिता क्षत्रिय होम्योपैथी विशेषज्ञ, जयपुर
- डॉ.वी.जी. हुड्डर आयुर्वेद विशेषज्ञ, नई दिल्ली

Updated on:
09 Mar 2019 05:35 pm
Published on:
14 Mar 2019 11:30 am
Also Read
View All