22 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Kidney Disease in Youth: कम उम्र में बढ़ रही किडनी की बीमारी, नेफ्रोलॉजी एक्सपर्ट ने बताया किन आदतों से बढ़ रहा खतरा

Kidney Failure Prevention: युवाओं में तेजी से बढ़ रही किडनी की बीमारी के पीछे खराब खानपान, दर्द की दवाओं का ज्यादा इस्तेमाल और हाई ब्लड प्रेशर जैसी वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं। जानिए डॉ. निशा गौर से शुरुआती लक्षण और बचाव।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Dimple Yadav

May 22, 2026

Kidney damage habits, Nephrologist tips in Hindi

किडनी डिजीज से जुड़ी समस्याओं को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)

Kidney Disease in Young Age: पहले किडनी की बीमारी को बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था, लेकिन अब 25 से 40 साल के युवाओं में भी यह तेजी से बढ़ रही है। सबसे चिंता की बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

नेफ्रोलॉजी एक्सपर्ट डॉ. निशा गौर ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि आज की खराब जीवनशैली और गलत खानपान कम उम्र में किडनी खराब होने की बड़ी वजह बन रहे हैं।

डॉ. निशा गौर बताती हैं कि किडनी शरीर से गंदगी और अतिरिक्त पानी बाहर निकालने का काम करती है। लेकिन जब लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, ज्यादा नमक, कम पानी पीना और बाहर का तला-भुना खाना रोजमर्रा की आदत बन जाता है, तो किडनी पर दबाव बढ़ने लगता है। धीरे-धीरे इसकी कार्यक्षमता कम होने लगती है।

दर्द की दवाओं का ज्यादा इस्तेमाल पड़ सकता है भारी

आजकल सिरदर्द, बदन दर्द या हल्की परेशानी में भी लोग तुरंत दर्द निवारक दवाएं खा लेते हैं। डॉ. निशा गौर के अनुसार, बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक ऐसी दवाएं लेना किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा पैकेट वाले खाद्य पदार्थ, बहुत ज्यादा नमक, ठंडे मीठे पेय, देर रात तक जागना और लगातार तनाव भी किडनी की बीमारी का खतरा बढ़ाते हैं।

सालों तक चुपचाप बढ़ती रहती है बीमारी

किडनी की बीमारी की सबसे खतरनाक बात यह है कि इसके लक्षण देर से दिखाई देते हैं। कई मरीज तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं जब उनकी किडनी काफी हद तक खराब हो चुकी होती है। डॉ. निशा गौर कहती हैं कि सिर्फ पेशाब में दिक्कत होना ही किडनी की बीमारी का संकेत नहीं है। शरीर कई दूसरे संकेत भी देता है, जैसे:

  • लगातार थकान रहना
  • भूख कम लगना
  • जी मिचलाना या उल्टी होना
  • सांस फूलना
  • शरीर में खुजली होना
  • अचानक वजन कम होना

अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।

घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत

डॉक्टर के मुताबिक किडनी की बीमारी का मतलब जिंदगी खत्म होना नहीं है। अगर बीमारी समय पर पता चल जाए, तो सही इलाज, संतुलित खानपान, ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित रखकर इसे काफी हद तक संभाला जा सकता है। वे सलाह देती हैं कि जिन लोगों को मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर या मोटापे की समस्या है, उन्हें साल में कम से कम एक बार किडनी की जांच जरूर करानी चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, कम नमक खाना, बिना सलाह के दवाएं न लेना और नियमित व्यायाम जैसी आदतें किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।