
दिल व किडनी की बेहतर सेहत को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)
Bariatric Surgery Benefits: मोटापा सिर्फ शरीर का वजन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है। डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज और किडनी की बीमारी जैसी समस्याएं अक्सर मोटापे से जुड़ी होती हैं।
अब एक नई स्टडी में सामने आया है कि बैरिएट्रिक सर्जरी यानी वेट लॉस सर्जरी न सिर्फ वजन घटाने में मदद करती है, बल्कि किडनी फेल होने, हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को भी काफी हद तक कम कर सकती है।
यह रिसर्च अमेरिकन सोसाइटी फॉर मेटाबॉलिक एंड बेरियाट्रिक सर्जरी की सालाना मीटिंग में पेश की गई। स्टडी में मोटापे और क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) से जूझ रहे 8,900 से ज्यादा मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इसमें उन लोगों की तुलना की गई जिन्होंने बैरिएट्रिक सर्जरी करवाई थी और जिन्होंने सर्जरी नहीं करवाई।
बैरिएट्रिक सर्जरी एक तरह की वेट लॉस सर्जरी होती है, जिसमें पेट के आकार को छोटा किया जाता है या पाचन तंत्र में बदलाव किया जाता है ताकि व्यक्ति कम खाना खाए और शरीर में कैलोरी कम जाए। स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी और गैस्ट्रिक बाईपास इसकी सबसे आम प्रक्रियाएं हैं।
रिसर्च के अनुसार, जिन मरीजों ने बैरिएट्रिक सर्जरी करवाई, उनमें किडनी फेल होने का खतरा लगभग आधा रह गया। एंड-स्टेज किडनी डिजीज का खतरा 11.9% से घटकर 5.9% हो गया। डायलिसिस की जरूरत पड़ने का खतरा भी काफी कम हुआ। हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम लगभग 50% तक घट गया। सबसे बड़ी बात, मौत का खतरा 75% से ज्यादा कम देखा गया। यह सर्जरी सिर्फ वजन कम करने के लिए नहीं है, बल्कि यह शरीर की कई गंभीर बीमारियों की दिशा बदल सकती है।
जब शरीर में ज्यादा फैट जमा होता है तो ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर बढ़ने लगती है। इसका असर धीरे-धीरे किडनी और दिल पर पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा रहने पर किडनी कमजोर हो सकती है और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार यह सर्जरी हर किसी के लिए जरूरी नहीं होती। आमतौर पर इसे उन लोगों के लिए सलाह दी जाती है जिनका BMI बहुत ज्यादा हो या जिन्हें मोटापे की वजह से गंभीर बीमारियां हो चुकी हों। सर्जरी से पहले डॉक्टर पूरी जांच करते हैं और फिर फैसला लिया जाता है।
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) की रिसर्च के अगर मोटापे का इलाज समय रहते किया जाए तो किडनी और दिल से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को रोका जा सकता है। सही डाइट, एक्सरसाइज और जरूरत पड़ने पर बैरिएट्रिक सर्जरी जैसी मेडिकल मदद मरीजों की जिंदगी बचा सकती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
22 May 2026 12:51 pm
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