Control Uric Acid Levels : हाइपरयूरिसीमिया, यानी शरीर में यूरिक एसिड के उच्च स्तर, से कई गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। जब शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है, तो इसका सीधा असर जोड़ों पर पड़ता है, जिससे दर्द, सूजन, और चलने-फिरने में कठिनाई होती है। इस समस्या का मुख्य कारण प्रोटीन और प्यूरीन युक्त आहार का अधिक सेवन होता है, जो उम्र बढ़ने के साथ और गंभीर हो सकता है।
Control Uric Acid Levels : शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid) का स्तर बढ़ने से कई समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, खासकर जोड़ों में दर्द और चलने-फिरने में परेशानी होती है। यूरिक एसिड का सीधा संबंध प्रोटीन और प्यूरीन से है, जोकि अधिक मात्रा में शरीर में जाने पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए इसका संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
यूरिक एसिड (Uric Acid) बढ़ने की स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया कहते हैं, और इसे नियंत्रित करने के लिए खानपान में बदलाव आवश्यक है। आइए जानते हैं, यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन सी दालें इसके लिए उपयुक्त हो सकती हैं।
यूरिक एसिड, प्यूरीन नामक तत्व के टूटने से बनता है, जो डीएनए और आरएनए में पाए जाते हैं। जब शरीर में प्यूरीन की मात्रा बढ़ जाती है, तो यूरिक एसिड का स्तर भी बढ़ जाता है, जिससे गठिया (अर्थराइटिस), जोड़ों में सूजन, और दर्द जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। इसके अलावा, यूरिक एसिड का बढ़ा हुआ स्तर गुर्दे (किडनी) पर भी नकारात्मक असर डाल सकता है।
खासकर अरहर, चना की दाल, राजमा और छोले जैसे हाई प्रोटीन खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकते हैं। इनमें प्यूरीन की मात्रा भी अधिक होती है, जो यूरिक एसिड को बढ़ावा देती है। इन खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर अनियंत्रित हो सकता है, इसलिए इसका सेवन कम मात्रा में करने की सलाह दी जाती है।
मूंग और उड़द की दाल को यूरिक एसिड के मरीजों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित माना गया है। इन दालों में प्रोटीन और प्यूरीन की मात्रा अन्य दालों की तुलना में कम होती है, इसलिए इनका सेवन किया जा सकता है। हालांकि, इनका भी सेवन संयमित मात्रा में ही करें, ताकि यूरिक एसिड का स्तर नियंत्रण में बना रहे।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं: शरीर से यूरिक एसिड को बाहर निकालने के लिए पानी बहुत जरूरी है। दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी का सेवन करें।
नियमित व्यायाम करें: रोजाना हल्का व्यायाम और योगासन जोड़ों को मजबूत बनाए रखने में मददगार साबित होते हैं।
शराब का सेवन कम करें: शराब, विशेषकर बियर, यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकती है। इसलिए इसका सेवन बंद कर देना चाहिए या इसे बहुत कम मात्रा में ही लें।
फल और सब्जियों में प्रोटीन और प्यूरीन की मात्रा कम होती है। इनमें फाइबर और पोषक तत्वों की अधिकता होती है, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती हैं। यूरिक एसिड (Uric Acid) को नियंत्रित करने के लिए सेब, चेरी, खीरा, पालक और ब्रोकली जैसे फलों और सब्जियों का अधिक सेवन फायदेमंद होता है।
यूरिक एसिड (Uric Acid) को नियंत्रित करने का सबसे सही तरीका है कि आप अपने खानपान को संतुलित रखें। अत्यधिक प्रोटीन और प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थों से बचें और उचित मात्रा में मूंग व उड़द की दाल का सेवन करें।