Desi Ghee Benefits: घी खाने को लेकर कई तरह की बातें चलती है, ऐसे में क्या और कितना घी खाना चाहिए, ये जानना बहुत जरूरी है...
Desi Ghee Benefits: बच्चे के जन्म के बाद मां के शरीर की मजबूती का मसला हो या बुजुर्गों की हडिडयों में लचीलापन बरकरार रखने का मकसद – एक चम्मच देसी घी की सलाह भारतीय घरों के बड़े-बूढ़े अक्सर देते हैं। अखाड़े में कुश्ती के लिए जाने वाला पहलवान घी पीने से भी परहेज़ नहीं करता।
लेकिन दिल की सेहत से लेकर लिवर की सलामती तक के लिए डॉक्टर घी-तेल से दूर रहने की सलाह दिया करते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज को तो लगभग उबला हुआ खाना दिया जाता है और अस्पताल से छुट्टी होने के बाद भी कई मरीज घर में बिना घी तेल का खाना खाने पर ही ज़ोर देते हैं।
घी को पारंपरिक तौर पर सेहतमंद मानने वाली सोच और डॉक्टरों की राय के बीच अब तालमेल बनता दिख रहा है। दिल के कई डॉक्टर अपने मरीज़ों को डिस्चार्ज करते वक्त समझाते हैं कि वो पूरे दिन में 1 चम्मच घी ले सकते हैं। ऑर्थोपेडिक्स के जानकार हड्डियों की मजबूती के लिए घी खाने की सलाह देते हैं। लेकिन देसी घी आपकी सेहत का हीरो बनेगा या विलेन – ये इसके इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करेगा।
घी लगभग पूरी तरह फैट से बना है, लेकिन इसमें मौजूद फैटी एसिड ओमेगा 3 कैटेगरी में आते हैं जो पूरी तरह खराब नहीं हैं। इससे हड्डियों में लचीलापन रहता है। इसके अलावा घी में विटामिन A, D, E और K जैसे भी पाए जाते हैं। विटामिन D और K2 शरीर में मौजूद कैल्शियम को सही तरीके से काम में लाने और हड्डियों के मिनरलाइजेशन में अहम भूमिका निभाते हैं।
दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्टस अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के डायरेक्टर डॉ कौशल कांतमिश्रा के मुताबिक घी हड्डियों की मजबूती को सपोर्ट कर सकता है। ये ओस्टियोपोरोसिस यानी हड्डियों के कमजोर होकर टूट जाने की समस्या को भी कम करता है।
भारत की सरकारी रिसर्च संस्था इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर की एक स्टडी के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति दिन भर में 1500 से 1800 यानी सीमित कैलोरी ले रहा है तो उसका 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा देसी घी हो सकता है। रिसर्च में देखा गया कि 1 चम्मच देसी घी सेहत पर बुरा असर नहीं डालता। खास तौर पर दिल की सेहत के मानक कोलेस्ट्राल पर कोई बुरा असर नहीं पड़ा।
एक दूसरे कंट्रोल क्लीनिकल ट्रायल में कुछ सेहतमंद युवाओं को कुछ सप्ताह तक घी से बना खाना दिया गया। रिसर्च में पाया गया कि टोटल कोलेस्ट्रॉल थोड़ा बढ़ा - HDL यानी “गुड कोलेस्ट्रॉल” भी बढ़ा। इससे नतीजा निकाला गया कि सीमित मात्रा में घी लेने से फायदा हो सकता है।
ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रीशन में वर्ष 2024 में छपी एक स्टडी में 110 लोगों को शामिल किया गया । इनमें से आधे लोगों को 12 हफ्तों के लिए कनोला ऑयल और आधों को देसी घी दिया गया। रिसर्च के नतीजों के मुताबिक कनोला ऑयल लेने वालों में फैटी लिवर में सुधार हुआ, कोलेस्ट्रॉल का लेवल सुधरा और वज़न भी कम हुआ – जबकि घी लेने वाले ग्रुप में ये सुधार नहीं हुए।
ऐसे खाएं घी – होगा फायदा
हर किसी व्यक्ति का जेनेटिक मेकअप और उसकी जरूरत दोनों ही अलग-अलग होती हैं। कुछ लोगों को घी पसंद नहीं आता। एम्स में 30 साल से अधिक अपनी सेवाएं दे चुके जाने माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार चौधरी के अनुसार 1-2 छोटा चम्मच घी लिया जा सकता है। लेकिन जो लोग मोटापा, अनकंट्रोल्ड कोलेस्ट्रॉल या फिर गॉलब्लैडर की परेशानी से जूझ रहे हैं, उन्हें पहले डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए।
देसी घी घर का बना होना चाहिए। बाज़ार में मिल रहे देसी घी की कीमत 300 रुपए किलो से लेकर 2 हज़ार रुपए किलो तक है। 300 रुपए में शुद्द देसी घी बेचना संभव नहीं है इसलिए शुद्दता पर सवाल बना रहता है। घी एक डेयरी प्रॉडक्ट है – इसकी एक्सपायरी डेट बढ़ाने के लिए इसे बहुत तेज गर्म करके साथ ही बहुत तेजी से ठंडा किया जाता है जिसे होमोजिनाइजेशन कहते हैं – इस प्रक्रिया में घी के अच्छे ओमेगा 3 फैटी एसिड नष्ट हो जाते हैं। घी लंबे समय तक टिके इसके लिए प्रिजरवेटिव का इस्तेमाल भी किया जाता है। ऐसे में घर का बना शुद्द देसी घी ही सुरक्षित माना जाता है।
देसी घी को गर्म ना करने की सलाह भी दी जाती है। उसे गर्म दाल या सब्ज़ी में उपर से डालना चाहिए। रोटी और परांठे पर भी तवे से उतारकर घी लगाने से उसके पोषक तत्व खराब नहीं होते।
डॉ. कौशल कांत मिश्रा बताते हैं कि हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और प्रोटीन वाला खाना, धूप से मिलने वाला विटामिन D लेना और रोजाना तेज चलना भी जरुरी है।