स्वास्थ्य

कान पर लगी चोट को नजरअंदाज न करें, हो सकता खतरनाक

अचानक चोट लगने, गिरने या थप्पड़ से पड़े दबाव को कई बार कान का पर्दा सहन नहीं कर पाता और फट जाता है।

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Aug 29, 2020
Do not ignore ear injury

अचानक चोट लगने, गिरने या थप्पड़ से पड़े दबाव को कई बार कान का पर्दा सहन नहीं कर पाता और फट जाता है। वहीं, इससे आंतरिक भाग में स्थित महत्वपूर्ण संरचनाएं भी असामान्य हो सकती हैं। हेयरपिन व तीली से कान साफ करते हुए या जोर का धमाका (जैसे ब्लास्ट) होने पर भी चोट का खतरा रहता है। इस तरह अचानक कान में लगी चोट से सुनने में कमी, चक्कर, बेचैनी, घबराहट और कान से रक्तस्राव, भारीपन व सीटी सुनाई देने जैसी आवाज वाले लक्षण होने लगते हैं। मजाक-मजाक में या किसी भी रूप में बच्चों/बड़ों के कान पर नहीं मारना चाहिए। कान से वैक्स निकालने के लिए तीली या ईयरबड का प्रयोग करना गलत है।
इलाज व सावधानी-
चोट लगने पर कान में संक्रमण व गीलापन न होने दें। कान में ईयर ड्रॉप या अन्य द्रव्य न डालें, पानी से बचाएं। संक्रमण रोकने के लिए डॉक्टर एंटीबायोटिक व दर्द निवारक दवाएं देते हैं। ज्यादातर मामलों में चोट या थप्पड़ आदि से पर्दे में हुआ छेद 3-4 हफ्ते में खुद ही भर जाता है। कुछ ही मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ती है।

Published on:
29 Aug 2020 11:46 pm
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