हीमोग्लोबीन की कमी होने पर शरीर के बाकी अंगों तक खून व ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है
जयपुर. हीमोग्लोबिन शरीर का काफी महत्वपूर्ण हिस्सा है। हीमोग्लोबिन रक्त कोशिकाओं में मौजूद लौहयुक्त प्रोटीन है, जो लाल रक्त कणों की प्रत्येक पट्टी में 30 से 35 फीसदी भाग हीमोग्लोबिन का होता है। हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया यानी रक्त अल्पता की बीमारी हो सकती है। शरीर में आयरन फोलिक ऐसिड और विटामिन बी की कमी से हमारा हीमोग्लोबिन का स्तर कम होता है। जिसके चलते हमें थकान और कमजोरी महसूस होती है। ये समस्या महिलाओं में अधिक होती है। जानिए हीमोग्लोबिन की कमी से कौन-सी बीमारियां होती हैं और उनका क्या उपाय है।
एनीमिया
हीमोग्लोबिन की कमी से महिलाओं में सबसे पहले एनीमिया अर्थात् खून की कमी की समस्या होती है। शरीर के सेल्स को सक्रिय रखने के लिए ऑक्सीजन व खून की आवश्यकता होती है, जिसे शरीर के अंगो तक पहुंचाने का काम हीमोग्लोबीन का होता है। हीमोग्लोबीन की कमी होने पर शरीर के बाकी अंगों तक खून व ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगती है।
ब्लड प्रेशर
हीमोग्लोबिन की कमी होने पर बॉडी के सेल्स में ब्लड सर्कुलेशन सही तरीके से नहीं हो पाता हैं। इसके कारण ब्लड प्रेशर की समस्या होने लगती है। ऐसे में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
डिप्रेशन
इसकी कमी के कारण ब्रेन का न्यूरो सिस्टम कमजोर हो जाता हैं और स्ट्रेस हार्मोन का लेवल भी बढ़ जाता हैं। इससे दिमाग में स्ट्रेस बना रहता है, जिससे आप डिप्रेशन की चपेट में आ जाती हैं।
सूजन
शरीर में इसकी कमी का असर इम्यून सिस्टम, मसल्स और ब्लड सर्कुलेशन पर भी पड़ता है। इसके कारम शरीर में सूजन की समस्या होने लगता है। साथ ही इसके कारण शरीर में दर्द भी होता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक
गर्भवती महिलाओं को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि इस दौरान बॉडी को अधिक विटामिन, मिनरल व फाइबर की जरूरत होती है। ब्लड में हीमोग्लोबिन तत्वों की कमी होने से शारीरिक दुर्बलता बढ़ती है। साथ ही इससे बच्चे पर भी बुरा असर पड़ता है।
यूं कर सकते हैं हीमोग्लोबिन की पूर्ति
-अगर हीमोग्लोबिन की कमी हैं तो आयरन से भरपूर खाना अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।
-डाइट में फल व सब्जियां, चुकंदर, आंवला, पिस्ता, नींबू, पालक, सूखी किशमिश, अंजीर, अमरूद, केला, अंकुरित आहार, बादाम, काजू, अखरोट, तुलसी, गुड़मूंगफली और तिल लेना चाहिए।