Ebola Virus Global Health Emergency : रविवार को इबोला वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया । एम्स के पूर्व निदेशक (AIIMS Ex Director Dr Randeep Guleria) ने दी ये सलाह।
Ebola Virus WHO declares Global Health Emergency : इबोला वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। रविवार को इसको लेकर संगठन ने घोषणा करते हुए चिंता व्यक्त की।
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि पूर्वी प्रांत में इस नए प्रकोप से 80 लोगों की मौत हो चुकी है।
दूरदर्शन की रिपोर्ट के अनुसार, WHO ने कहा कि बुंडिबुग्यो (Bundibugyo) वायरस के कारण फैला यह प्रकोप किसी वैश्विक महामारी आपातकाल के मानदंडों को तो पूरा नहीं करता है, लेकिन इस बात का उच्च जोखिम है कि यह बीमारी DRC के साथ जुड़ी पड़ोसी देशों में फैल सकती है।
रविवार को, संयुक्त राष्ट्र (U.N.) की स्वास्थ्य एजेंसी ने एक बयान में कहा कि DRC के इतूरी (Ituri) प्रांत में कम से कम तीन स्वास्थ्य क्षेत्रों (जिनमें बूनिया, र्वाम्परा और मोंगबवालू शामिल हैं) से शनिवार तक 80 संदिग्ध मौतें, प्रयोगशाला द्वारा पुष्ट किए गए 8 मामले और 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।
वहीं, पूर्वी कांगो के शहर गोमा (Goma) में एक मामले की पुष्टि हुई है।
CDC अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि एजेंसी ने इस प्रकोप के लिए अपने आपातकालीन केंद्र को सक्रिय कर दिया है और DRC तथा युगांडा में अपने कार्यालयों में अधिक लोगों को भेजने की योजना बना रही है।
WHO ने कहा कि देश में फैला यह 17वां प्रकोप असल में बहुत बड़ा हो सकता है, क्योंकि शुरुआती नमूनों की सकारात्मकता दर काफी अधिक है और संदिग्ध मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इसके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैलने के कुछ मामले पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। एजेंसी ने देशों को अपनी राष्ट्रीय आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्रणालियों को सक्रिय करने तथा सीमाओं व प्रमुख आंतरिक सड़कों पर जांच (स्क्रीनिंग) शुरू करने की सलाह दी है।
एजेंसी ने पुष्ट मामलों को तुरंत आइसोलेट करने और संपर्क में आए लोगों की दैनिक निगरानी करने की सलाह दी है, जिसके तहत राष्ट्रीय यात्राओं को सीमित किया जाए और संपर्क में आने के 21 दिनों बाद तक कोई अंतर्राष्ट्रीय यात्रा न की जाए। इसके साथ ही, WHO ने देशों से आग्रह किया है कि वे डर के मारे अपनी सीमाएं बंद न करें या यात्रा और व्यापार पर प्रतिबंध न लगाएं।
अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, यह घातक वायरस है, जिसके संक्रमण से बुखार, शरीर में दर्द, उल्टी और दस्त होते हैं। यह संक्रमित व्यक्तियों के बॉडी फ्लूइड्स, दूषित सामग्रियों या इस बीमारी से मरने वाले व्यक्तियों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।
एम्स के पूर्व निदेशक (AIIMS Ex Director Dr Randeep Guleria) ने TOI को बताया कि ये संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से ही फैलता है। इस वायरस को लेकर पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।