Encephalitis Symptoms : एन्सेफलाइटिस को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। यह बीमारी संक्रमण या ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया के कारण हो सकता है। जानिए इसके प्रकार, कारण, लक्षण, निदान, उपचार और बचाव के तरीके।
Encephalitis: Know Its Symptoms and Treatment : एन्सेफलाइटिस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क में सूजन हो जाती है। यह किसी संक्रमण या ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया के कारण हो सकता है। यह जानलेवा हो सकता है और लंबे समय तक चलने वाली जटिलताएँ उत्पन्न कर सकता है। इस लेख में हम एन्सेफलाइटिस के प्रकार, कारण, लक्षण, निदान, उपचार और बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। WHO ने Encephalitis को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है।
मुख्य रूप से एन्सेफलाइटिस दो प्रकार के होते हैं:
वायरल एन्सेफलाइटिस: यह सबसे सामान्य प्रकार है, जो विभिन्न वायरस संक्रमणों के कारण हो सकता है।
अर्बोवायरस एन्सेफलाइटिस: मच्छर, पिस्सू और टिक जैसे कीड़ों के काटने से संक्रमण फैलता है।
बैक्टीरियल या फंगल एन्सेफलाइटिस: यह दुर्लभ होता है और बैक्टीरिया या फंगस संक्रमण से उत्पन्न होता है।
इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से मस्तिष्क पर हमला करती है, जिससे सूजन हो जाती है। यह कभी-कभी कैंसर से जुड़ा हो सकता है, जिसे पैरानेोप्लास्टिक सिंड्रोम कहा जाता है।
संक्रमणजनित एन्सेफलाइटिस के लक्षण तेजी से विकसित होते हैं, जबकि ऑटोइम्यून एन्सेफलाइटिस धीरे-धीरे बढ़ता है।
- भ्रमित रहना
- नींद अधिक आना
- अत्यधिक थकान
- तेज सिरदर्द
- उच्च बुखार
- बेहोशी
- गर्दन में जकड़न
- मितली और उल्टी
- दौरे आना
- स्मृति संबंधी समस्याएँ
- अचानक और बिना कारण गुस्सा आना
- बोलने में कठिनाई
- शरीर के कुछ हिस्सों में कमजोरी या सुन्नता
डॉक्टर निम्नलिखित परीक्षण कर सकते हैं:
रक्त परीक्षण: संक्रमण की पहचान करने के लिए CBC और CMP
इमेजिंग टेस्ट: CT स्कैन, MRI और MEG द्वारा मस्तिष्क की स्थिति की जाँच
लम्बर पंचर: मस्तिष्कमेरु द्रव (CSF) की जाँच
न्यूरोलॉजिकल परीक्षण: मानसिक और शारीरिक स्थितियों की जाँच
उपचार का उद्देश्य संक्रमण को नियंत्रित करना और लक्षणों को कम करना होता है। मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाता है ताकि गहन देखभाल दी जा सके।
उपचार के प्रमुख विकल्प:
एंटीवायरल दवाएँ: ज़ोविरैक्स (Acyclovir) जैसी दवाएँ वायरल एन्सेफलाइटिस के लिए दी जाती हैं।
एंटीसीजर मेडिकेशन: दौरे रोकने के लिए दवाएँ दी जाती हैं।
स्टेरॉयड थेरेपी: सूजन कम करने के लिए कॉर्टिकोस्टेरॉयड दिए जाते हैं।
प्लाज़्माफेरेसिस: ऑटोइम्यून एन्सेफलाइटिस के लिए रक्त शुद्धि उपचार।
ऑक्सीजन सपोर्ट: गंभीर मामलों में वेंटिलेटर की सहायता ली जाती है।
इंट्रावेनस फ्लूइड्स: निर्जलीकरण से बचाने के लिए IV फ्लूइड दिए जाते हैं।
फिजियोथेरेपी और स्पीच थेरेपी: मरीज की पुनर्वास प्रक्रिया में सहायता।
मनोवैज्ञानिक सहायता: स्मृति हानि और व्यक्तित्व परिवर्तनों के लिए मनोचिकित्सकीय परामर्श।
संक्रामक एन्सेफलाइटिस को रोका जा सकता है यदि हम निम्नलिखित सावधानियाँ बरतें:
टीकाकरण:
नियमित रूप से हेपेटाइटिस और अन्य वायरस संक्रमणों के टीके लगवाएँ।
रक्षा कवच पहनें: हल्के और लंबे कपड़े पहनें।
कीटनाशक उपयोग करें: DEET युक्त रिपेलेंट लगाएँ।
खुले पानी को हटाएँ: मच्छरों के अंडे देने की जगह को खत्म करें।
खिड़की और दरवाजे बंद रखें: मच्छरदानी और पंखों का उपयोग करें।
एन्सेफलाइटिस एक गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली स्थिति है। समय पर पहचान और उचित इलाज से मरीज की जान बचाई जा सकती है और जटिलताओं को कम किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति में एन्सेफलाइटिस के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।