
नई दिल्ली। शोध बताते हैं कि वयस्कों को हर हफ्ते मध्यम तीव्रता के व्यायाम 150 से 300 मिनट जरूर करने चाहिए। इनमें भी कुछ एक्सरसाइज ऐसी होती हैं, जो अन्यों की तुलना में आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए ज्यादा लाभदायक होती हैं। यही कारण है कि ऐसे व्यायाम को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करना चाहिए।
बालासन
बालासन, शरीर को उसी स्थिति में ले जाता है, जिस स्थिति में माता के गर्भ में होता है। मां के गर्भ में रहकर बच्चा जिस स्थिति में 9 महीने तक जन्म लेने का इंतजार करता है। बालासन करते हुए योगी शरीर को उसी स्थिति में ले जाता है।
दौड़ना
हम सभी जानते हैं कि दौड़ने से शरीर तंदुरुस्त रहता हैं, लेकिन आप जानते हैं कि दौड़ने का जितना असर हमारे शरीर पर पड़ता है उतना ही असर हमारे दिमाग पर भी पड़ता है। आप दौड़ कर अपने शरीर से एक्सट्रा कैलोरी को बर्न कर सकते हैं, खाने के लालच को कम कर सकते हैं। इतना ही नहीं दौड़ने से दिल की बीमारी का खतरा भी नहीं रहता। दौड़ने से एक्सरसाइज के दौरान और एक्सरसाइज के बाद अच्छे-अच्छे न्यूरोट्रांसमीटर, सेरोटोनिन और नॉरपेनेफ्रिन में स्थायी परिवर्तन होते हैं।
लंबी वॉक
व्यायाम करना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यही कारण है कि लंबी दूरी तक पैदल चलने से भी स्ट्रेस दूर होता है। कहा जाता है कि कुदरती माहौल दिमाग को शांत करता है और अवसाद और चिंता से निजात दिलाता है।
फोबिया
फोबिया एक विशिष्ट वस्तु, स्थिति या गतिविधि का अत्यधिक और लगातार भय है जो आमतौर पर हानिकारक नहीं होता है। मरीजों को पता है कि उनका डर अत्यधिक है, लेकिन वे इसे दूर नहीं कर सकते।
भीड़ से डर लगना
गोराफोबिया उन स्थितियों में होने का डर है जहां से बचना मुश्किल या शर्मनाक हो सकता है। ये डर वास्तविक स्थिति बहुत परेशान करता है और कामकाज में समस्याएं पैदा करता है। एग्रोफोबिया से पीड़ित व्यक्ति इस डर का अनुभव कई स्थितियों में करता है।