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बिना तेज दर्द के भी आ सकता है हार्ट अटैक, ACE ने बताए Mini Heart Attack के छिपे संकेत

Mini Heart Attack Cause: बिना सीने में दर्द के भी हार्ट अटैक आ सकता है? ACE हार्ट एंड वैस्कुलर इंस्टीट्यूट से जानिए मिनी हार्ट अटैक (Mini Heart Attack) के वो छिपे हुए लक्षण जिन्हें लोग अक्सर गैस या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 18, 2026

Mini Heart Attack Symptoms , Silent Heart Attack Signs , Mild Heart Attack Causes  NSTEMI ,

बिना तेज दर्द के भी आ सकता है हार्ट अटैक- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Mini Heart Attack Symptoms: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़े लाइफस्टाइल के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ रही हैं। जब भी हम हार्ट अटैक का नाम सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले सीने में होने वाला तेज और असहनीय दर्द आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार बिना किसी तेज दर्द के भी हार्ट अटैक आ सकता है?

ACE हार्ट एंड वैस्कुलर इंस्टीट्यूट (ACE Heart & Vascular Institute) के अनुसार, इसे मिनी हार्ट अटैक या NSTEMI कहा जाता है। इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए लोग अक्सर इसे गैस, एसिडिटी, थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकता है। मिनी हार्ट अटैक के इन छिपे हुए संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है।

क्या होता है मिनी हार्ट अटैक?

वेरीवेल हेल्थ के अनुसार, जब हमारे दिल तक खून पहुंचाने वाली नलियों (arteries) में पूरी तरह से नहीं, बल्कि थोड़ा या आधा ब्लॉकेज (partial blockage) आ जाता है, तो दिल के हिस्से में खून का बहाव कम हो जाता है। इसी स्थिति को मिनी हार्ट अटैक या माइल्ड हार्ट अटैक कहते हैं। भले ही यह बड़े हार्ट अटैक जितना भयानक न दिखे, लेकिन यह आपके दिल की मांसपेशियों को नुकसान जरूर पहुंचाता है और यह एक बड़ी चेतावनी है कि भविष्य में बड़ा हार्ट अटैक आ सकता है।

मिनी हार्ट अटैक के छिपे हुए संकेत

  • सीने में भारीपन या जकड़न।
  • दर्द का दूसरे अंगों में फैलना।
  • सांस फूलना।
  • अचानक पसीना आना और चक्कर।
  • उल्टी जैसा लगना (जी मिचलाना)।
  • महिलाओं में खास लक्षण।

क्यों आता है मिनी हार्ट अटैक?

  • नसों में चर्बी जमना।
  • हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल।
  • डायबिटीज (शुगर)।
  • गलत लाइफस्टाइल।
  • ज्यादा तनाव (Stress)।

कैसे होती है इसकी जांच?

  • ECG (ईसीजी)।
  • ब्लड टेस्ट (Troponin Test)।
  • इको (Echocardiogram) और एंजियोग्राफी।

बचाव के उपाय

  • हरी सब्जियां, ताजे फल खाएं।
  • नमक, चीनी और ज्यादा तेल-घी वाली चीजों से दूरी बनाएं।
  • दिन में कम से कम 30 मिनट हल्की वॉक या योग जरूर करें।
  • स्मोकिंग और तंबाकू को पूरी तरह ना कह दें।
  • 30-35 साल की उम्र के बाद साल में एक बार अपना बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल जरूर चेक करवाएं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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