
निरीक्षण के दौरान जानकारी लेते चिकित्सक (फोटो - पत्रिका)
राजस्थान के अलवर जिले में गर्भवती महिलाओं की सेहत और सुरक्षित प्रसव को लेकर स्वास्थ्य विभाग इन दिनों बेहद गंभीर नजर आ रहा है। जिले में चल रहे पांच दिवसीय विशेष गर्भवती स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। जयपुर से आई उच्च स्तरीय टीम ने जब धरातल पर व्यवस्थाएं जांची, तो कई जगह लापरवाही और कमियां पाई गईं। इस पर तुरंत एक्शन लेते हुए राजगढ़ और रैणी ब्लॉक के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (BCMO) को 'कारण बताओ नोटिस' थमा दिया गया है।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग की नजर उन गर्भवती महिलाओं पर है जो 'हाई रिस्क प्रेग्नेंसी' (HRP) के दायरे में आती हैं। इस विशेष अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जिले के 331 चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने गर्भवती महिलाओं की जांच, उनके इलाज और सुरक्षित प्रसव के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा की। अभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस दौरान 519 नई गर्भवती महिलाओं का एएनसी (एंटीनेटल चेकअप) पंजीकरण किया गया है।
अभियान की हकीकत जानने के लिए जयपुर से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के संयुक्त निदेशक और राज्य तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के एसएनओ डॉ. एसएन धौलपुरिया के साथ स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. नरेंद्र सिंह अलवर पहुंचे। इस उच्च स्तरीय टीम ने रैणी ब्लॉक के सीएचसी पिनान, आयुष्मान आरोग्य मंदिर डोरोली और राजगढ़ ब्लॉक के पीएचसी ढिगावड़ा का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान करने और डिलीवरी की प्लानिंग में कई गंभीर कमियां मिलीं। कागजी दावों और जमीनी हकीकत में अंतर देखकर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।
अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (BCMO) को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने और इसकी विस्तृत रिपोर्ट सीधे निदेशालय भेजने के निर्देश दिए। इसके साथ ही काम में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि मां और शिशु की सेहत से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर गर्भवती महिला, खासकर जो हाई रिस्क पर हैं, उन्हें समय पर सही इलाज मिले ताकि प्रसव के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर भविष्य में भी ऐसी कमियां पाई गई, तो दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ और भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
17 Jul 2026 11:49 am
Published on:
17 Jul 2026 11:49 am
