17 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Alwar: फिरौती की साजिश नाकाम होने पर की 12वीं के छात्र की हत्या, मामा को सोशल मीडिया से चला मौत का पता

Alwar Murder Case: नौगांवा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्र तुषार कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तुषार के सिर के पीछे से गोली मारी गई, जो सिर को चीरते हुए जबड़े में जाकर फंस गई।
3 min read
Google source verification

अलवर

image

Anil Prajapat

Jul 17, 2026

Tushar Murder Case

पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी। फोटो: पत्रिका

नौगांवा/अलवर। नौगांवा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय छात्र तुषार कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तुषार के सिर के पीछे से गोली मारी गई, जो सिर को चीरते हुए जबड़े में जाकर फंस गई। पुलिस ने महज 24 घंटे में ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी संजू उर्फ सूरज (28) पुत्र गिरिराज जाटव निवासी भूगोर तथा नरेश (32) पुत्र श्यामलाल जाटव निवासी नेवाड़ा को हिरासत में ले लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी छात्र को बंधक बनाकर उसके पिता से फिरौती वसूलने की योजना बना रहे थे। योजना उजागर होने की आशंका पर उन्होंने तुषार की हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया।

पुलिस के अनुसार, तुषार 14 जुलाई की शाम करीब 5 बजे भूगोर स्थित अपने ननिहाल से 15-20 मिनट में लौटने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर 15 जुलाई को शाम 7 बजे उसकी मां कुंती देवी ने अलवर के सदर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

नेवाड़ा के जंगल में मिला शव

15 जुलाई की सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच नौगांवा थाना क्षेत्र के नेवाड़ा गांव के जंगल में एक फार्म हाउस के पास पहाड़ी पर युवक का शव पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर दोपहर करीब ढाई बजे सामान्य अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। शाम करीब छह बजे शव की पहचान तुषार कुमार पुत्र राजेश कुमार जाटव के रूप में हुई। इसके बाद 16 जुलाई को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तुषार 14 जुलाई को घर से अकेला निकला था। इसके बाद गांव का युवक संजू उर्फ सूरज उसे काला कुआं क्षेत्र में उसके एक दोस्त के घर ले गया। वहां से वह बहला-फुसलाकर उसे अपनी मौसी के गांव नेवाड़ा ले गया, जहां संजू और नरेश ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।

15 साल से ननिहाल में रह रहा था परिवार

तुषार मूल रूप से कठूमर क्षेत्र के तसई गांव का निवासी था। उसके सगे मामा नहीं हैं। परिजनों के अनुसार, तुषार के पिता राजेश कुमार विवाह के एक-दो साल बाद से ही पूरे परिवार के साथ भूगोर स्थित ससुराल में रह रहे थे। तुषार अलवर की स्कीम नंबर-8 स्थित एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। परिवार में उसकी दो छोटी बहनें हैं। तुषार के पिता खेती-बाड़ करते हैं। पहले उनकी टेंट की दुकान थी।

सोशल मीडिया से मौत का पता चला

तुषार के रिश्ते में मामा तूलेड़ा निवासी मनोज कुमार ने बताया कि 15 जुलाई की रात करीब साढे आठ बजे उन्होंने सोशल मीडिया पर नेवाड़ा में एक युवक का शव मिलने की सूचना देखी। शक होने पर उन्होंने शव के फोटो और वीडियो मंगवाए। तस्वीरें देखते ही तुषार की पहचान हो गई। इसके बाद परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में शव की शिनाख्त की।

भाजपा सरकार के जंगलराज में दलित छात्र तुषार की हत्या-जूली

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि दलित छात्र तुषार की निर्मम हत्या भाजपा सरकार के जंगलराज की एक और भयावह तस्वीर है। प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती और फिरौती अब रोज़ की घटनाएँं बन चुकी हैं। अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, कानून का इकबाल पूरी तरह समाप्त हो चुका है और सरकार सत्ता के नशे में मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आमजन भय और असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर है। अपराधियों के सामने पुलिस लाचार है और सरकार पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है। मुख्यमंत्री बताएं, आखिर यह जंगलराज कब तक चलेगा?

बिगड़ती कानून-व्यवस्था का शर्मनाक उदाहरण-गंगावत

जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने कहा कि अलवर में लगातार हो रही हत्या, लूट, डकैती, फिरौती और अन्य आपराधिक घटनाओं से जिले में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। दलित छात्र तुषार की गोली मारकर निर्मम हत्या कर उसका शव घर से लगभग 45 किलोमीटर दूर फेंक देना अत्यंत दुखद, अमानवीय और पूरे समाज को झकझोर देने वाली घटना है। यह घटना प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अपराधियों के बढ़ते हौसलों का स्पष्ट प्रमाण है। जब अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो जाए, तब आम नागरिक स्वयं को असुरक्षित महसूस करने लगता है।