
हाई BP का इतिहास जानिए (photo- freepik)
High Blood Pressure History: आज हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) दुनिया की सबसे आम बीमारियों में गिना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि क्या यह बीमारी सिर्फ आधुनिक जीवनशैली की देन है या सदियों पहले भी लोगों को हाई बीपी होता था? इसका जवाब है, हां, पहले भी होता था, लेकिन उस समय इसे पहचानने और मापने का तरीका नहीं था।
Nature Reviews Nephrology और American Heart Association (AHA) के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर कोई नई बीमारी नहीं है। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं थी और न ही इसे मापने के आधुनिक उपकरण उपलब्ध थे।
PubMed Central (PMC) में प्रकाशित ऐतिहासिक समीक्षा के अनुसार, 18वीं शताब्दी में अंग्रेज वैज्ञानिक Stephen Hales ने पहली बार जानवरों में रक्तचाप (Blood Pressure) को मापने का प्रयोग किया। उन्होंने धमनी में एक कांच की नली लगाकर यह दिखाया कि रक्त एक निश्चित दबाव के साथ बहता है। यह आधुनिक ब्लड प्रेशर रिसर्च की शुरुआत मानी जाती है।
इसके बाद 1896 में इटली के चिकित्सक Scipione Riva-Rocci ने पहला व्यावहारिक Blood Pressure Cuff (Sphygmomanometer) विकसित किया, जिससे बिना शरीर में कोई उपकरण डाले रक्तचाप मापा जा सकता था। 1905 में रूसी डॉक्टर Nikolai Korotkoff ने स्टेथोस्कोप की मदद से रक्तचाप मापने की तकनीक विकसित की। आज भी अधिकांश ब्लड प्रेशर मशीनें इसी सिद्धांत पर काम करती हैं।
Nature Reviews Nephrology के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर पहले भी मौजूद था, लेकिन लोग इसके बारे में जानते नहीं थे। उस समय हार्ट अटैक, स्ट्रोक या किडनी फेल होने जैसी समस्याओं की वजह अक्सर समझ में नहीं आती थी। बाद में वैज्ञानिकों ने पाया कि लंबे समय तक बढ़ा हुआ रक्तचाप इन बीमारियों का एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक हो सकता है। हालांकि, शोध यह भी बताते हैं कि पुराने समय में लोगों की जीवनशैली आज की तुलना में अलग थी। शारीरिक गतिविधि अधिक होती थी, प्रोसेस्ड फूड कम खाए जाते थे और मोटापे की दर भी कम थी। इसलिए आबादी के स्तर पर हाई बीपी का स्वरूप आज जैसा नहीं था।
American Heart Association (AHA) के अनुसार, आज हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में वृद्धि के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे-
Nature Reviews Nephrology के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर की समझ पिछले दो सौ वर्षों में लगातार विकसित हुई है। वहीं American Heart Association का कहना है कि समय पर ब्लड प्रेशर की जांच, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज से हाई बीपी से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए यह कहना सही होगा कि हाई बीपी कोई नई बीमारी नहीं है, लेकिन आज हमारे पास इसे पहचानने, नियंत्रित करने और इसके दुष्प्रभावों से बचने के पहले से कहीं बेहतर साधन मौजूद हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
09 Jul 2026 05:57 pm
Published on:
09 Jul 2026 05:57 pm
