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40 की उम्र के बाद फेफड़ों की इन 6 समस्याओं का खतरा क्यों बढ़ जाता है? CDC से जानिए कैसे रखें लंग्स को स्वस्थ

Lung Health: 40 की उम्र के बाद फेफड़ों की सेहत क्यों बिगड़ने लगती है? American Lung Association, WHO और CDC के अनुसार जानिए 6 बड़े जोखिम और फेफड़ों को स्वस्थ रखने के 5 आसान उपाय।
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भारत

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Dimple Yadav

Jul 09, 2026

Lung Health After 40 Lung Health Lung Disease

40 के बाद फेफड़ों का रखें ध्यान (photo- freepik)

Lung Health After 40: 40 की उम्र पार करने के बाद ज्यादातर लोग दिल, शुगर या हड्डियों की सेहत पर ध्यान देने लगते हैं, लेकिन फेफड़ों की देखभाल अक्सर पीछे छूट जाती है। अगर सीढ़ियां चढ़ते समय पहले से ज्यादा सांस फूलने लगी है, सुबह लगातार खांसी रहती है या धूल-धुएं से तुरंत परेशानी होने लगी है, तो इसे सिर्फ बढ़ती उम्र का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

American Lung Association (ALA) के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ फेफड़ों की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि वायु प्रदूषण और Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार धूम्रपान जैसे जोखिम फेफड़ों की बीमारियों की संभावना को और बढ़ा सकते हैं।

  1. क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD)

COPD एक ऐसी बीमारी है जिसमें सांस लेना धीरे-धीरे मुश्किल होने लगता है। लंबे समय तक धूम्रपान, प्रदूषण या हानिकारक धूल-धुएं के संपर्क में रहने वाले लोगों में इसका खतरा अधिक होता है। शुरुआती संकेतों में लगातार खांसी, बलगम और सांस फूलना शामिल हैं।

  1. फेफड़ों की क्षमता कम होना

उम्र बढ़ने के साथ फेफड़ों की मांसपेशियां और ऊतक पहले जैसे लचीले नहीं रहते। इसकी वजह से तेज चलने, सीढ़ियां चढ़ने या व्यायाम के दौरान जल्दी सांस फूल सकती है।

  1. फेफड़ों का संक्रमण

40 वर्ष के बाद शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता में बदलाव आने लगते हैं। ऐसे में निमोनिया और अन्य श्वसन संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है, खासकर यदि व्यक्ति को डायबिटीज, हृदय रोग या अन्य पुरानी बीमारियां हों।

  1. फेफड़ों का कैंसर

CDC के अनुसार, धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा जोखिम कारक है। हालांकि, धूम्रपान न करने वाले लोगों में भी वायु प्रदूषण, पैसिव स्मोकिंग और कुछ अन्य कारणों से जोखिम बढ़ सकता है।

  1. अस्थमा का बिगड़ना

जिन लोगों को पहले से अस्थमा है, उनमें उम्र बढ़ने के साथ लक्षण अधिक परेशान कर सकते हैं। धूल, धुआं, मौसम में बदलाव और प्रदूषण अस्थमा के दौरे को बढ़ा सकते हैं।

  1. फेफड़ों की कार्यक्षमता में गिरावट

American Lung Association के अनुसार, नियमित शारीरिक गतिविधि की कमी, मोटापा, धूम्रपान और प्रदूषित वातावरण में रहना फेफड़ों की कार्यक्षमता को और प्रभावित कर सकता है।

40 के बाद फेफड़ों को स्वस्थ रखने के 5 आसान तरीके

  • धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं।
  • रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें।
  • प्रदूषण अधिक होने पर बाहर निकलते समय मास्क का उपयोग करें।
  • फ्लू और निमोनिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार टीकाकरण कराएं।
  • लगातार खांसी, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसे लक्षण हों तो पल्मोनोलॉजिस्ट से जांच कराएं।

रिसर्च क्या कहती है?

American Lung Association के अनुसार, उम्र बढ़ने के साथ फेफड़ों की क्षमता में कुछ कमी आना सामान्य है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसे बेहतर बनाए रखा जा सकता है। वहीं WHO का कहना है कि वायु प्रदूषण दुनिया भर में श्वसन रोगों का एक बड़ा कारण है। CDC के अनुसार, धूम्रपान से दूरी बनाना फेफड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखने का सबसे प्रभावी कदमों में से एक है। इसलिए 40 की उम्र के बाद फेफड़ों की सेहत को भी उतनी ही प्राथमिकता दें, जितनी दिल और शुगर की जांच को देते हैं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।