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Skin Cancer: नाखून पर दिखने वाली काली लकीर को न करें नजरअंदाज, यूरोपीय सोसायटी ऑफ मेडिसिन ने बताया स्किन का संकेत

Skin Cancer Risk: आपके भी नाखून पर अचानक कोई काली या भूरी लकीर दिखने लगी है तो इसे मामूली चोट समझकर नजरअंदाज न करें। जानिए क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार नाखून के नीचे होने वाले इस दुर्लभ स्किन कैंसर के लक्षण और सही पहचान।
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भारत

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Nidhi Yadav

Jul 17, 2026

Black line on nail cancer symptoms,Subungual melanoma signs in Hindi,Dark streak under fingernail causes

नाखून पर दिखने वाली काली लकीर को न करें नजरअंदाज- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Gemini)

Skin Cancer Prevention: हम अक्सर अपने चेहरे, हाथों और पैरों की त्वचा का तो पूरा ख्याल रखते हैं, लेकिन हमारे नाखून हमारी सेहत के बारे में क्या कह रहे हैं, इस पर बहुत कम ध्यान देते हैं। कई बार लोग नाखून पर कोई दाग या लकीर देखकर उसे मामूली चोट का निशान समझकर छोड़ देते हैं।

लेकिन क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, नाखून पर दिखने वाली कोई भी काली या भूरी लकीर मामूली नहीं होती। यह स्किन कैंसर (त्वचा के कैंसर) के एक रूप सबंगुअल मेलानोमा (Subungual Melanoma) का संकेत हो सकती है। आइए यूरोपीय सोसायटी ऑफ मेडिसिन और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानते हैं कि यह क्या है।

सबंगुअल मेलानोमा क्या होता है?

यह एक तरह का स्किन कैंसर है जो हमारी त्वचा पर नहीं, बल्कि नाखून के नीचे वाले हिस्से (Nail Matrix) में पनपता है। अक्सर लोगों को लगता है कि स्किन कैंसर सिर्फ धूप में रहने वाली खुली त्वचा पर ही होता है, लेकिन यह कैंसर नाखून के नीचे मौजूद उन कोशिकाओं (Cells) से शुरू होता है जो रंग (Melanin) बनाती हैं। जब ये कोशिकाएं अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं, तो यह नाखून के ऊपर एक काली, भूरी या गहरे रंग की खड़ी लकीर के रूप में दिखाई देने लगता है।

आम चोट के निशान से कैसे अलग होता है?

कई बार दरवाजे में उंगली दबने या भारी चीज गिरने से नाखून के नीचे खून जमा हो जाता है, जिससे वहां काला या नीला निशान पड़ जाता है। लेकिन कैंसर के लक्षण और चोट के निशान में बड़ा अंतर होता है; जैसे-जैसे आपका नाखून आगे बढ़ता है (बढ़ता जाता है), चोट का वह काला निशान भी नाखून के साथ आगे खिसकने लगता है और कुछ हफ्तों में अपने आप कटकर गायब हो जाता है। यह लकीर नाखून बढ़ने के साथ गायब नहीं होती, बल्कि वहीं बनी रहती है।

समय के साथ यह लकीर और गहरी, चौड़ी या फैलने लगती है। अगर काली लकीर के साथ-साथ आपके नाखून के पास की त्वचा (Cuticle) भी काली या भूरी पड़ने लगे, तो यह एक बड़ा चेतावनी संकेत है। कैंसर होने पर नाखून कमजोर होकर बीच से फटने या टूटने लगता है।

यह समस्या किन लोगों में ज्यादा होती है?

यूरोपीय सोसायटी ऑफ मेडिसिन की एक केस रिपोर्ट के अनुसार, यह कैंसर किसी को भी हो सकता है, लेकिन यह मध्यम उम्र और बुजुर्गों (आमतौर पर 50 साल से ऊपर) में ज्यादा देखा जाता है। आम तौर पर होने वाले स्किन कैंसर धूप की हानिकारक किरणों (UV Rays) के कारण होते हैं, लेकिन सबंगुअल मेलानोमा होने की वजह धूप नहीं होती। इसके पीछे अनुवांशिकी (Genetics) या नाखून के पास पहले लगी कोई गंभीर चोट भी एक वजह हो सकती है। यह हाथों के अंगूठे या पैर के बड़े अंगूठे के नाखून में सबसे ज्यादा देखा जाता है।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

  • बिना किसी चोट के अचानक आ गई हो।
  • महीनों बीतने के बाद भी अपनी जगह से हिल या गायब नहीं हो रही हो।
  • दिन-ब-दिन चौड़ी या ज्यादा काली होती जा रही हो।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।