
नाखून पर दिखने वाली काली लकीर को न करें नजरअंदाज- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Gemini)
Skin Cancer Prevention: हम अक्सर अपने चेहरे, हाथों और पैरों की त्वचा का तो पूरा ख्याल रखते हैं, लेकिन हमारे नाखून हमारी सेहत के बारे में क्या कह रहे हैं, इस पर बहुत कम ध्यान देते हैं। कई बार लोग नाखून पर कोई दाग या लकीर देखकर उसे मामूली चोट का निशान समझकर छोड़ देते हैं।
लेकिन क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, नाखून पर दिखने वाली कोई भी काली या भूरी लकीर मामूली नहीं होती। यह स्किन कैंसर (त्वचा के कैंसर) के एक रूप सबंगुअल मेलानोमा (Subungual Melanoma) का संकेत हो सकती है। आइए यूरोपीय सोसायटी ऑफ मेडिसिन और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानते हैं कि यह क्या है।
यह एक तरह का स्किन कैंसर है जो हमारी त्वचा पर नहीं, बल्कि नाखून के नीचे वाले हिस्से (Nail Matrix) में पनपता है। अक्सर लोगों को लगता है कि स्किन कैंसर सिर्फ धूप में रहने वाली खुली त्वचा पर ही होता है, लेकिन यह कैंसर नाखून के नीचे मौजूद उन कोशिकाओं (Cells) से शुरू होता है जो रंग (Melanin) बनाती हैं। जब ये कोशिकाएं अनियंत्रित होकर बढ़ने लगती हैं, तो यह नाखून के ऊपर एक काली, भूरी या गहरे रंग की खड़ी लकीर के रूप में दिखाई देने लगता है।
कई बार दरवाजे में उंगली दबने या भारी चीज गिरने से नाखून के नीचे खून जमा हो जाता है, जिससे वहां काला या नीला निशान पड़ जाता है। लेकिन कैंसर के लक्षण और चोट के निशान में बड़ा अंतर होता है; जैसे-जैसे आपका नाखून आगे बढ़ता है (बढ़ता जाता है), चोट का वह काला निशान भी नाखून के साथ आगे खिसकने लगता है और कुछ हफ्तों में अपने आप कटकर गायब हो जाता है। यह लकीर नाखून बढ़ने के साथ गायब नहीं होती, बल्कि वहीं बनी रहती है।
समय के साथ यह लकीर और गहरी, चौड़ी या फैलने लगती है। अगर काली लकीर के साथ-साथ आपके नाखून के पास की त्वचा (Cuticle) भी काली या भूरी पड़ने लगे, तो यह एक बड़ा चेतावनी संकेत है। कैंसर होने पर नाखून कमजोर होकर बीच से फटने या टूटने लगता है।
यूरोपीय सोसायटी ऑफ मेडिसिन की एक केस रिपोर्ट के अनुसार, यह कैंसर किसी को भी हो सकता है, लेकिन यह मध्यम उम्र और बुजुर्गों (आमतौर पर 50 साल से ऊपर) में ज्यादा देखा जाता है। आम तौर पर होने वाले स्किन कैंसर धूप की हानिकारक किरणों (UV Rays) के कारण होते हैं, लेकिन सबंगुअल मेलानोमा होने की वजह धूप नहीं होती। इसके पीछे अनुवांशिकी (Genetics) या नाखून के पास पहले लगी कोई गंभीर चोट भी एक वजह हो सकती है। यह हाथों के अंगूठे या पैर के बड़े अंगूठे के नाखून में सबसे ज्यादा देखा जाता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
17 Jul 2026 01:27 pm
Published on:
17 Jul 2026 01:27 pm
