Man Feel Heat in Cold and Cold in Heat : ऑस्ट्रेलिया में एक 22 साल का लड़का है, जिसका नाम एडन मैकमैनस है। उसे एक बड़ी अजीब बीमारी है। इस बीमारी में उसे गरम और ठंडे का एहसास उल्टा होता है। जब वो कोई गरम चीज छूता है, तो उसे ठंडा महसूस होता है। और जब कोई ठंडी चीज़ हाथ में लेता है, तो उसे जलन होने लगती ह।
Man Feel Heat in Cold and Cold in Heat : मेलबर्न के 22 वर्षीय एडन मैकमैनस एक ऐसी दुर्लभ और रहस्यमयी बीमारी से जूझ रहे हैं, जिसने उनकी इंद्रियों की सामान्य कार्यप्रणाली को पूरी तरह से उलट दिया है। उन्हें जो गर्म होता है वह ठंडा महसूस होता है और जो चीज़ ठंडी होती है, वह जलती सी लगती है।
पिछले पांच सालों से एडन को हाथों और पैरों में तापमान को लेकर उलटा अनुभव हो रहा है। जब वह किसी गर्म चीज़ को छूते हैं, तो उन्हें ठंडक महसूस होती है और जब वे ठंडी चीज़ें छूते हैं, तो उन्हें जलन जैसी असहज अनुभूति होती है। यह असामान्य अनुभव न सिर्फ उनके रोज़मर्रा के जीवन को कठिन बनाता है, बल्कि डॉक्टरों के लिए भी एक पहेली बन गया है।
चिकित्सकों ने उनकी हालत को 'Axonal Peripheral Neuropathy' नाम की न्यूरोलॉजिकल बीमारी से जोड़ा है, जिसमें नसों की कार्यप्रणाली बाधित हो जाती है और संवेदनाओं का अनुभव असामान्य हो जाता है। यह बीमारी मुख्यतः हाथों और पैरों को प्रभावित करती है। शुरुआत में एडन के पैरों में झनझनाहट और सनसनी जैसी शिकायत हुई थी, जो समय के साथ गंभीर होती गई।
एडन के परिवार ने रक्त परीक्षण, न्यूरोलॉजिकल स्कैन और जैविक विश्लेषण जैसी तमाम जांचें करवाईं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला। डॉक्टरों का मानना है कि यह स्थिति स्थायी हो सकती है और सुधार की संभावना बहुत कम है।
एडन की मां एंजेला मैकमैनस ने बताया कि अब उन्हें बेटे की देखभाल में अत्यधिक सतर्क रहना पड़ता है। “जब भी मैं उसे खाना देती हूं, मुझे पहले बताना पड़ता है कि यह बहुत गर्म है या ठंडा, क्योंकि वह खुद अंदाजा नहीं लगा सकता,” उन्होंने कहा।
यह बीमारी केवल तापमान की पहचान तक सीमित नहीं रही, बल्कि एडन की शारीरिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर रही है। उनका चलना, संतुलन बनाए रखना और शरीर के अंगों का तालमेल भी काफी हद तक बिगड़ चुका है।
परिवार को उम्मीद थी कि नेशनल डिसेबिलिटी इंश्योरेंस स्कीम (NDIS) से उन्हें मदद मिलेगी, लेकिन उनका दावा खारिज कर दिया गया। अब वे इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। एंजेला कहती हैं, "हम न सिर्फ एक कठिन बीमारी से लड़ रहे हैं, बल्कि सिस्टम की बेरुखी से भी जूझ रहे हैं।"
एडन की कहानी एक ऐसी दुर्लभ स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करती है, जिसकी न तो पूरी तरह से पहचान हो सकी है और न ही इलाज। यह उदाहरण दर्शाता है कि कैसे शरीर की संवेदनाएं हमारे जीवन को नियंत्रित करती हैं – और जब वही उलट जाएं, तो जीवन कैसा हो सकता है।