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अब संगीत थेरेपी महत्वपूर्ण सहायक उपचार के रूप में उभर रही

संगीत थेरेपी

संगीत थेरेपी

मरीजों की रिकवरी तेज
मानसिक आघात से जूझ रहे मरीजों के इलाज में अब संगीत थेरेपी महत्वपूर्ण सहायक उपचार के रूप में उभर रही है। कई अस्पतालों और मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टर नियमित चिकित्सा के साथ संगीत का उपयोग मरीजों की रिकवरी तेज करने के लिए कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सिर की गंभीर चोट या दुर्घटनाओं के बाद मरीजों में स्मृति, व्यवहार और भावनात्मक संतुलन से जुड़ी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। ऐसे मामलों में पारंपरिक इलाज के साथ संगीत थेरेपी मरीजों को मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करती है। चिकित्सक बताते हैं कि मरीजों की पहचान न्यूरोलॉजिस्ट, साइकोलॉजिस्ट और रिहैबिलिटेशन विशेषज्ञों की संयुक्त जांच के बाद की जाती है। इसके बाद मरीज की स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत रिकवरी प्लान तैयार किया जाता है, जिसमें संगीत थेरेपी को सहायक उपचार के रूप में शामिल किया जाता है।

चिंता घटाने में मदद
चिकित्सकों के अनुसार, शांत और नियंत्रित संगीत का उपयोग तनाव कम करने, नींद सुधारने और चिंता घटाने में मदद करता है। खासतौर पर पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर के मरीजों को इससे काफी लाभ मिलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संगीत थेरेपी अकेले इलाज नहीं है, बल्कि इसे दवा, काउंसलिंग और फिजिकल रिहैबिलिटेशन के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है। सही तरीके से उपयोग करने पर यह मरीजों की रिकवरी प्रक्रिया को सहज बनाता है। डॉक्टरों का मानना है कि भविष्य में मानसिक स्वास्थ्य उपचार में संगीत और अन्य रचनात्मक तरीकों का उपयोग और अधिक बढ़ेगा, जिससे मरीजों को समग्र रूप से बेहतर उपचार मिल सकेगा।

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