रोजमर्रा के सामान में मौजूद फॉरएवर केमिकल्स (PFAS) शरीर में जमा होकर डीएनए को नुकसान पहुंचा सकते हैं और समय से पहले बुढ़ापा ला सकते हैं। शोध के अनुसार नॉन-स्टिक बर्तन, फूड पैकेजिंग और प्लास्टिक से जुड़े ये रसायन खासकर 50 की उम्र के आसपास पुरुषों में दिल और याददाश्त से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ाते हैं।
Forever Chemicals: हम रोजाना जिन सामान का इस्तेमाल करते हैं, उनमें से की में ऐसे केमिकल होते हैं जो हमें जल्दी बूढ़ा कर सकते हैं। इनसे उम्र बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन पुरुषों में देखा गया है जो उम्र के 50 वे दशक में हैं। चीन के शंघाई जियाओ तोंग यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में हुए शोध में यह बात सामने आई है कि ये केमिकल खून में घुलकर अंदरूनी अंगों और कोशिकाओं को समय से पहले ही बूढ़ा बना रहे हैं। इन्हें फॉरएवर केमिकल्स कहा जाता है क्योंकि ये पर्यावरण या हमारे शरीर में पूरी तरह खत्म नहीं होते और लंबे समय तक जमे रहते हैं।
फॉरएवर केमिकल्स, रसायनों का वो समूह है, जो नॉन-स्टिक बर्तनों, वाटरप्रूफ कपड़ों और फूड पैकेजिंग में इस्तेमाल होते हैं। शोध के अनुसार, ये केमिकल शरीर में प्रवेश करके डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे शरीर की कोशिकाओं या अंगों की मरम्मत करने की क्षमता कम हो जाती है। इस वजह से व्यक्ति अपनी असल उम्र से ज्यादा बूढ़ा दिखने लगता है।
शोध में सामने आया कि 50 साल की उम्र के आसपास के पुरुषों पर इन रसायनों का असर सबसे ज्यादा होता है। महिलाओं के मुकाबले पुरुषों के मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल बदलावों के कारण ये केमिकल उनकी कोशिकाओं को जल्दी नुकसान पहुंचाते हैं। इससे दिल की बीमारियां और याददाश्त में कमी जैसी समस्याएं समय से पहले आने लगती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन रसायनों से पूरी तरह बच पाना मुश्किल है, लेकिन प्लास्टिक का कम इस्तेमाल और शुद्ध खान-पान से इसके असर को कम कर सकते हैं। डिब्बाबंद खाने और नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल कम करके जहरीले रसायनों से काफी हद तक सुरक्षित रहा जा सकता है।