Fungal Ear Infections : बारिश के बाद अब उमस ने कान की बीमारियों के मरीजों की संया बढ़ा दी है। उमस के कारण कान में फंगल संक्रमण (ओटोमाइकोसिस) इन दिनों मुय समस्या बनी हुई है।
Fungal Ear Infections : कान में खुजली और दर्द के साथ कान बंद लगता है। ईएनटी रोग निदान विशेषज्ञों के पास रोजाना इसके आठ-दस मरीज़ पहुंच रहे हैं। इसके अलावा कान में वैक्स फूलने, फुंसी या संक्रमण से कान में दर्द, भारीपन, रिसाव और सूजन जैसी कई समस्याएं लोगों को परेशान कर रही हैं। संक्रमण (Fungal Ear Infections) से कान के पर्दे में छेद भी हो सकता है।
- बारिश के दिनों में कान को सूखा रखें व इसको न छेड़ें। ईयरबड, तीली या उंगली से कान की सफाई के चक्कर में तकलीफ कई बार बढ़ जाती है और बाहरी संक्रमण का खतरा रहता है।
- कान में तेल न डालें, इस मौसम में नमी की उपस्थिति में यह फंगल संक्रमण पैदा कर सकता है।
- कान बहने या अन्य तकलीफ होने पर इसमें पानी न जाए, इसके लिए नहाते समय कान में तेल या वैसलीन से चिकनी की हुई रुई लगाएं। जुकाम से बचें।
- एलर्जी को नियंत्रण में रखने के लिए धूल, धुआं और सर्दी से बचें।
नमी-उमस बढ़ने से फंगल संक्रमण पनपता है। जिनका कान पहले से ही बहता है, उनमें संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। इस मौसम में कान में तेल डालने या खुद ही सफाई करने से भी यह बढ़ता है।
-डॉ. शुभकाम आर्य, ईएनटी रोग विशेषज्ञ