Hormonal Imbalance Symptoms : हार्मोनल असंतुलन के लक्षण धीरे-धीरे दिखते हैं और अक्सर थकान या तनाव समझ लिए जाते हैं, लेकिन समय पर जांच और इलाज जरूरी है। यदि आप ऐसे लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह लें।
Hormonal Imbalance Symptoms : हार्मोनल असंतुलन के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे शुरू होते हैं और कई बार सामान्य थकान या तनाव समझ लिए जाते हैं। लेकिन समय रहते जांच और इलाज कराना जरूरी है, ताकि शरीर का संतुलन बना रहे और जीवन की गुणवत्ता बनी रहे। अगर आप ऊपर दिए गए किसी भी लक्षण से परेशान हैं तो नजदीकी एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से परामर्श अवश्य करें। इस लेख डॉ. संजय सरन, एसोसिएट प्रोफेसर, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर आपके सवालों के जवाब दे रहे हैं।
लक्षण: ऊंचाई में रुकावट, बाल झड़ना
क्या करें:
रेडियोथेरेपी या कीमोथेरेपी के बाद हार्मोन स्राव प्रभावित हो सकता है। आपको एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से मिलकर थायरॉयड, ग्रोथ हार्मोन और सेक्स हार्मोन की जांच करानी चाहिए। उचित दवाइयां और जीवनशैली सुधार से हार्मोनल संतुलन बेहतर किया जा सकता है। बालों की सेहत के लिए प्रोटीन युक्त आहार और डॉक्टर की सलाह अनुसार विटामिन सप्लीमेंट लेना उपयोगी रहेगा।
संकेत: थायरॉयड समस्या हो सकती है
जांच: थायरॉयड प्रोफाइल (TSH, T3, T4)
रूखी त्वचा, ठंड लगना और वजन बढ़ना थायरॉयड हार्मोन की कमी के लक्षण हो सकते हैं। एक सरल रक्त परीक्षण से थायरॉयड की स्थिति का पता चलता है। इसके अनुसार डॉक्टर दवाइयां और आहार सुझाव देंगे।
संकेत: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)
यदि मासिक चक्र अनियमित हो, चेहरे व शरीर पर अनचाहे बाल उगें और मुंहासे बढ़ जाएं, तो यह हार्मोनल असंतुलन या PCOS का लक्षण हो सकता है। एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से जांच कराएं और दवाइयों के साथ जीवनशैली में बदलाव करें।
संकेत: हार्मोनल बदलाव या मानसिक तनाव
नींद की समस्या, मूड में बदलाव और दिल की धड़कन तेज होना हार्मोन असंतुलन या तनाव दोनों के कारण हो सकते हैं। थायरॉयड और एड्रिनल हार्मोन की जांच जरूरी है। साथ ही योग, ध्यान और चिकित्सीय परामर्श मददगार साबित होंगे।
क्या करें: विशेषज्ञ से सलाह लें
14 साल की बच्ची की लंबाई धीमी बढ़ रही हो और शारीरिक विकास कम हो, तो हार्मोनल जांच करानी चाहिए। ग्रोथ हार्मोन, थायरॉयड और यौन हार्मोन की जांच से कारण पता चलेगा। विशेषज्ञ सलाह पर उचित उपचार शुरू करें।
संकेत: हार्मोनल या मानसिक तनाव
ऊर्जा की कमी, बाल झड़ना और निरंतर उदासी हार्मोनल असंतुलन या डिप्रेशन का संकेत हो सकता है। रक्त जांच कराएं और डॉक्टर से सही निदान लें।
संकेत: हार्मोन में बदलाव
30 की उम्र में त्वचा पर झुर्रियां और बाल पतले होना हार्मोनल बदलाव, थायरॉयड समस्या या जीवनशैली से जुड़ा हो सकता है। त्वचा विशेषज्ञ और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से परामर्श करें।
संकेत: गंभीर समस्या हो सकती है
मासिक चक्र में तेज दर्द, थकान और चक्कर आने की समस्या को हल्के में न लें। एंडोमेट्रियोसिस, यूटरिन फाइब्रोइड या अन्य समस्या हो सकती है। डाक्टरी जांच जरूरी है।
संकेत: हार्मोनल या अन्य अंदरूनी बीमारी
अगर वजन घट रहा है और भूख कम लग रही है, तो यह किसी अंदरूनी बीमारी जैसे थायरॉयड, डायबिटीज या कैंसर का संकेत हो सकता है। शीघ्र चिकित्सक से मिलें और पूरी जांच कराएं।