गुछिया के बिना होली का त्योहार फीका नजर आता है लेकिन क्या आप जानते है कि गुछिया में भरने वाले मावे में मिलावट भी हो सकती है कैसे करें इसकी पहचान
नई दिल्ली। होली का त्यौहार आते ही हर घर से गुछिया बनने की खुश्बू आने लगती है। क्योंकि गुछिया के बिना होली का त्योहार अधूरा सा नजर आता है। रंगों के इस त्योहार में मेहमानों का मुंह मीठा करने के लिए लोग मिठाई की जगह इसी पकवान से मुंह मीठा करते हैं। क्योंकि इसमें इतने ड्राय फ्रूट मिलाए जाते हैं जिससे ये स्वादिष्ट होने के साथ सेहत के लिए भी लाभकारी होती है। लेकिन इन दिनों बाजार में खोए की मिलावट को लेकर काफी शिकायत सुनने को मिल रही है। यदि आप भी बाजार से मावा खरीद रहे हैं तो दो मिनट में इसकी क्वालिटी चेक करके देख सकते है नकली असली खोए का अंतर।
ऐसे करें असली नकली खोए की पहचान
पानी में मावा डालकर फेंटने पर अगर वो छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है तो ये उसके खराब होने की निशानी है।दो दिन से ज्यादा पुराना मावा खरीदने से बचें। इसे खाने से आपकी सेहत खराब हो सकती है।
कच्चे मावे की बजाय अगर आप सिंका हुआ मावा खरीदें तो बेहतर होगा. इससे बनी मिठाई का स्वाद भी ज्यादा बेहतर होगा और इसके जल्दी खराब होने की संभावना भी कम होती है।