च्चे जब जंक फूड खाते हैं तो शरीर में पहुंचने वाले नमक की अधिक मात्रा को बाहर निकाले का काम किडनी करती है। जब गुर्दे अधिक काम करते हैं तो नमक के साथ कैल्शियम भी बाहर निकलता है। इस वजह से किडनी में पत्थरी बनने लगती है।
बच्चों में किडनी स्टोन बढऩे का सबसे बड़ा कारण जंक और फास्ट फूड का अधिक इस्तेमाल है। जंक और फास्ट फूड को अधिक टेस्टी बनाने के लिए नमक और मसाले का इस्तेमाल अधिक होता है। 95 फीसदी मामलों में नमक की वजह से बना स्टोन किडनी, यूरेटर या ब्लैडर में रहता है जो परेशानी का कारण बनता है।
नॉन-वेज से भी दिक्कत
जो बच्चे नॉन-वेज जैसे अंडा, मीट, मछली अधिक खाते हैं उनमें स्टोन की समस्या अधिक हो रही है। इसका प्रमुख कारण है नॉन-वेज में कैल्शियन की मात्रा अधिक होती है जिस वजह से पत्थरी बनती है क्योंकि शरीर में जैसे ही किसी तत्व की मात्रा अधिक होगी किडनी उसे बाहर निकालने का काम करती है। फिल्टरेशन का काम अधिक होने पर धीरे-धीरे किडनी के कार्य करने की क्षमता भी कम होती है जिससे धीरे-धीरे स्टोन बनने लगता है।
सेहत के लिए संतुलित खानपान जरूरी
एक्सपर्ट का कहना है कि किडनी स्टोन से बचाव के लिए खानपान को संतुलित रखना चाहिए। खानपान में हरी सब्जियां, फल के साथ फाइबर युक्त चीजें खानी चाहिए। बच्चे पानी नहीं पीते। इसका पूरा ध्यान रखना चाहिए जिससे कि वे दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। बच्चों को औसतन दो से तीन लीटर पानी पीना चाहिए। बच्चों को जंक फूड और फास्ट फूड खाने से रोकना चाहिए क्योंकि ये किडनी के साथ उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक है।