
Immune System and Cancer : एक नई स्टडी ने यह साबित किया है कि इम्यून सिस्टम (Immune System) कैंसर मरीजों के जीवित रहने की संभावना को प्रभावित कर सकता है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) और फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन लोगों के खून में अधिक इम्यून सेल्स मौजूद थे, वे कैंसर से बेहतर तरीके से उबर पाए और उनकी मृत्यु दर भी कम रही। R
वैज्ञानिकों ने इम्यून लिम्फोसाइट एस्टीमेशन फ्रॉम न्यूक्लियोटाइड सीक्वेंसिंग (ImmuneLENS) नामक नई तकनीक का उपयोग किया। यह तकनीक टी सेल्स और बी सेल्स जैसे प्रमुख इम्यून सेल्स की मात्रा को मापने में मदद करती है।
स्वस्थ व्यक्तियों और कैंसर मरीजों के डेटा की तुलना करने पर शोधकर्ताओं ने पाया कि कैंसर रोगियों के रक्त में टी सेल्स की संख्या कम थी। इसका अर्थ यह हुआ कि कमजोर इम्यून प्रतिक्रिया कैंसर की प्रगति से जुड़ी हो सकती है।
स्टडी के अनुसार, जिन मरीजों के खून में अधिक टी सेल्स थे, उनके पांच वर्षों तक जीवित रहने की संभावना 47% अधिक थी। यहां तक कि जब उम्र, कैंसर की स्टेज और विभिन्न प्रकार के कैंसर को ध्यान में रखा गया, तब भी टी सेल्स और जीवित रहने की संभावना के बीच गहरा संबंध देखा गया।
अब तक कैंसर मरीजों के इम्यून सिस्टम का अध्ययन मुख्य रूप से ट्यूमर पर केंद्रित था। लेकिन यह रिसर्च बताती है कि रक्त में मौजूद टी सेल्स की मात्रा कैंसर की प्रगति और जीवित रहने की भविष्यवाणी करने में अधिक प्रभावी हो सकती है।
UCL कैंसर इंस्टिट्यूट के प्रोफेसर निकोलस मैकग्रहानन ने कहा:
“नई तकनीक के माध्यम से डॉक्टर अब मरीज की जीवित रहने की संभावना को बेहतर तरीके से आंक सकते हैं, केवल ट्यूमर में टी सेल्स की संख्या के आधार पर नहीं।”
इस अध्ययन में एक और चौंकाने वाला निष्कर्ष यह था कि पुरुषों में कैंसर के साथ इम्यून सेल्स की संख्या अधिक तेजी से घटती है, जबकि महिलाओं में यह कमी धीमी गति से होती है। इसके पीछे के कारणों पर अभी शोध जारी है, लेकिन यह भविष्य में व्यक्तिगत उपचार विकसित करने में मदद कर सकता है।
कुछ स्वस्थ दिखने वाले लोगों में जिनके रक्त में बी सेल्स की संख्या कम थी, बाद में कैंसर विकसित हुआ। यह संकेत करता है कि:
- क्या कम बी सेल स्तर कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं?
- क्या इम्यून सिस्टम में होने वाले बदलाव कैंसर के पूर्व संकेत दे सकते हैं?
भविष्य की संभावनाएं और कैंसर उपचार में सुधार
यह अध्ययन कैंसर और इम्यून सिस्टम के बीच के संबंध को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि डॉक्टर इम्यून सेल डेटा को जेनेटिक टेस्टिंग में शामिल करें, तो मरीजों के लिए व्यक्तिगत उपचार योजनाएं बनाई जा सकती हैं।
भविष्य में, वैज्ञानिक इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के नए तरीके खोजने की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे कैंसर मरीजों की जीवित रहने की संभावना को बढ़ाया जा सके और अधिक प्रभावी उपचार विकसित किए जा सकें।