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Ageing and Immunity: 50 पार वालों के लिए अमृत से कम नहीं ये वैक्सीन! आपको अंदर से रख सकती है जवान

Ageing and Immunity: नई स्टडी में खुलासा हुआ है कि शिंगल्स वैक्सीन सिर्फ संक्रमण से नहीं, बल्कि जैविक उम्र बढ़ने और सूजन को कम करने में भी मदद कर सकती है।

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भारत

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Dimple Yadav

Jan 26, 2026

Ageing and Immunity

Ageing and Immunity (Photo- gemini ai)

Ageing and Immunity: अब तक शिंगल्स वैक्सीन को सिर्फ एक दर्दनाक वायरल बीमारी से बचाव का तरीका माना जाता था, लेकिन एक नई स्टडी ने इसके फायदे को और भी बड़ा बता दिया है। शोध के मुताबिक, शिंगल्स की वैक्सीन बुजुर्गों में जैविक उम्र बढ़ने की रफ्तार को भी धीमा कर सकती है।

शिंगल्स क्या है और किसे खतरा ज्यादा?

शिंगल्स, जिसे हर्पीज जोस्टर भी कहा जाता है, एक दर्दनाक और फफोलेदार त्वचा रोग है। यह उसी वायरस से होता है जो बचपन में चिकनपॉक्स का कारण बनता है। जब यह वायरस सालों बाद दोबारा सक्रिय होता है, तो शिंगल्स की बीमारी होती है। डॉक्टरों के अनुसार, 50 साल से ऊपर के लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है, क्योंकि उम्र के साथ इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है।

नई स्टडी क्या कहती है?

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया (USC) के वैज्ञानिकों ने 70 साल या उससे अधिक उम्र के 3,800 से ज्यादा लोगों पर अध्ययन किया। यह रिसर्च The Journals of Gerontology Series A में प्रकाशित हुई है। इस स्टडी में देखा गया कि शिंगल्स वैक्सीन लेने वाले बुजुर्गों में शरीर में सूजन (Inflammation) कम पाई गई। इम्यून सिस्टम बेहतर काम करता दिखा। जीन स्तर पर उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी रही। कुल मिलाकर जैविक उम्र (Biological Age) कम नजर आई।

जैविक उम्र क्या होती है?

हमारी उम्र सिर्फ कैलेंडर से नहीं तय होती। शरीर के अंदर कोशिकाओं, जीन और इम्यून सिस्टम की हालत भी बताती है कि हम अंदर से कितने बुजुर्ग हैं। इसे ही जैविक उम्र कहा जाता है। अगर जैविक उम्र कम है, तो बीमारियों का खतरा भी कम होता है।

सूजन और उम्र बढ़ने का कनेक्शन

स्टडी की प्रमुख शोधकर्ता जंग की किम के मुताबिक, शरीर में लंबे समय तक रहने वाली हल्की सूजन को ‘इन्फ्लैमएजिंग’ कहा जाता है। यही सूजन आगे चलकर दिल की बीमारियों, कमजोरी, याददाश्त की समस्या (डिमेंशिया) जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है। शिंगल्स वैक्सीन इस सूजन को कम करने में मदद कर सकती है, इसलिए क्योंकि यह वायरस को दोबारा सक्रिय होने से रोकती है।

क्या वैक्सीन हेल्दी एजिंग में मददगार है?

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्टडी इस ओर इशारा करती है कि वैक्सीन सिर्फ संक्रमण से बचाने तक सीमित नहीं हैं। वे शरीर की अंदरूनी प्रणालियों को संतुलित कर स्वस्थ और सक्रिय उम्र बढ़ने में भी मदद कर सकती हैं।