Iodine deficiency : आयोडीन एक आवश्यक खनिज है जिसका उपयोग हमारी थायरॉयड ग्रंथि थायरॉयड हार्मोन बनाने के लिए करती है। यह हार्मोन शरीर में कोशिकाओं की वृद्धि, क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत और स्वस्थ मेटाबोलिज्म को बनाए रखने में मदद करता है।
Iodine deficiency : आयोडीन एक आवश्यक खनिज है जिसका उपयोग हमारी थायरॉयड ग्रंथि थायरॉयड हार्मोन बनाने के लिए करती है। यह हार्मोन कोशिका वृद्धि, क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत और स्वस्थ मेटाबोलिज्म को बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन आज के दौर में आयोडीन की कमी फिर से उभर रही है, जो एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन रही है।
पिछले दशकों में, टेबल सॉल्ट, ब्रेड और अन्य खाद्य पदार्थों में आयोडीन मिलाने से इसकी कमी लगभग खत्म हो गई थी। लेकिन आधुनिक आहार और खाद्य निर्माण में बदलाव के कारण अब लोगों में आयोडीन की मात्रा घटने लगी है। खासतौर पर शाकाहारी या वेगन डाइट फॉलो करने वाले और आयोडीन-युक्त नमक का उपयोग न करने वाले लोग इसके ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
गलगंड (गॉइटर): गले में सूजन आयोडीन की कमी का सबसे आम लक्षण है।
थकान और कमजोरी: शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है।
वजन बढ़ना: मेटाबोलिज्म धीमा हो जाने के कारण वजन बढ़ने लगता है।
बालों का झड़ना और त्वचा का रूखापन: हार्मोनल असंतुलन के कारण त्वचा और बाल प्रभावित होते हैं।
अनियमित मासिक धर्म: महिलाओं में भारी मासिक धर्म या अनियमितता हो सकती है।
सीखने में कठिनाई और याददाश्त कमजोर होना: दिमाग की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है।
गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी नवजात शिशुओं पर असर डाल सकती है। यह शारीरिक और मानसिक विकास को बाधित कर सकती है।
जो लोग मांस, अंडे या समुद्री भोजन नहीं खाते, उनमें आयोडीन की कमी होने का खतरा ज्यादा होता है।
आयोडीन-युक्त नमक का उपयोग न करना भी इस समस्या का एक बड़ा कारण है।
ऐसे क्षेत्रों में उगने वाली फसलें आयोडीन से रहित होती हैं, जिससे वहां रहने वाले लोग प्रभावित होते हैं।
आयोडीन-युक्त आहार का सेवन करें
आयोडीन-युक्त नमक: खाने में नियमित रूप से आयोडीन-युक्त नमक का उपयोग करें।
समुद्री भोजन: मछली, झींगा और अन्य समुद्री भोजन आयोडीन के अच्छे स्रोत हैं।
डेयरी उत्पाद: दूध, दही और पनीर में आयोडीन की अच्छी मात्रा होती है।
हरी पत्तेदार सब्जियां और अंडे: ये भी आयोडीन प्राप्त करने के आसान स्रोत हैं।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आयोडीन सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन इन्हें डॉक्टर की सलाह से ही लें।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (NIH) के अनुसार, एक वयस्क को प्रतिदिन 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की आवश्यकता होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह मात्रा 220 माइक्रोग्राम और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए 290 माइक्रोग्राम है।
डॉक्टरों के अनुसार, आयोडीन की कमी के कारण बढ़ते मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसे रोकने के लिए सही आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता जरूरी है। अगर आप ऊपर बताए गए लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो डॉक्टर से परामर्श लें।
आयोडीन आपकी सेहत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे नजरअंदाज न करें और अपने आहार में आयोडीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें।