बच्चों के लिए मां का दूध सबसे पोषक आहार होता है मां के दूध में 90 प्रतिशत पानी होता है
नई दिल्ली। मां बनना हर महिला के लिए एक हसीन सपना होता है। जिसका अनुभव शादी के बाद हर महिलाएं लेना चाहती है। गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई तरह परिवर्तन देखने को मिलते है। लेकिन जब वो मां बनती है तो उनकी जिम्मेदारी बच्चे के साथ साथ अपने प्रति भी ज्यादा हो जाती है। बच्चे के जन्म के बाद हर महिलाओं को अपने खानपान और सेहत का ध्यान रखना काफी जरूरी हो जाता है। क्योंकि जब बच्चा स्तनपान करता है तो मां के शरीर में पानी की कमी ज्यादा होने लगती है। ऐसे समय में स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में पानी भी जरूर पीना चाहिए।
महिलाओं को हर बार स्तनपान कराने के पहले और बाद में एक गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। क्योकि जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है तो इसके लक्षण अपने आप सामने आने लगते है लेकिन इसका अभास हमे नही हो पाता जिसे हम टाल जाते है जोकि गलत है। यि आप इस बारे में जानना चाहते कि यदि आपके भी शरीर में पानी की कमी हो रही है तो उसे जानने के लिए सबसे पहले यूरिन के कलर की जांच कर लें। क्योंकि शरीर अगर डिहाइड्रेटेड होने से सबसे पहले यूरिन का रंग बदलकर गहरा पीला हो जाता है। इस तरह की परेशानी से बचने के लिए दिनभर में कम से कम ग्यारह से बारह कप पानी पीना चाहिए।
शरीर में पानी की कमी के लक्षण
अगर स्तनपान कराने वाली महिला के शरीर में पानी की कमी होती है तो उसमें ये सारे लक्षण नजर आने लगते हैं।
बच्चों के लिए मां के दूध का सेवन सबसे पोष्टिक आहारों में से एक है मां के दूध में 90 प्रतिशत पानी होता है। इसलिए स्तनपान कराने वाली मांओं के लिए जरूरी है कि वो शरीर में पानी कमी को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पीए। साथ ही चाय, कॉफी, सोडा और शराब जैसी चीजों का सेवन करने से दूर रहें। क्योंकि ये सारे पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी पैदा कर देते हैं।