Baby Ki Malish Kaise Karein: गलत तरीके से की गई मालिश बच्चे की स्किन पर इन्फेक्शन और दाने पैदा कर सकती है। इसलिए आइए आज के इस लेख में डॉक्टर से जानते हैं कि छोटे बच्चे की मालिश के लिए किस चीज का इस्तेमाल करना सही होता है।
Newborn Baby Massage Tips in Hindi: बच्चे के घर में आने से जितनी खुशी होती है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। अक्सर पहली बार माता-पिता बने कपल्स इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि वे घर के बड़े-बुजुर्गों के बताए तरीके अपनाएं या डॉक्टरों की सलाह मानें। इसी से जुड़ा इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक कपल अपने बच्चे को डॉक्टर के पास ले गया है। उस बच्चे के चेहरे पर गलत तरीके से मालिश करने के कारण छोटे-छोटे दाने और इन्फेक्शन हो गया है। आइए आज के इस लेख में जानते हैं कि बच्चों की गलत मसाज के क्या नुकसान हैं और मालिश का सबसे सही तरीका क्या है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर bacchon_ki_doctor चैनल पर डॉ. माधवी भारद्वाज ने एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में जब डॉक्टर बच्चे के चेहरे पर हुए दानों के बारे में पूछती हैं, तो एक आदमी का जवाब होता है कि शायद यह पंजीरी खाने से हुआ है।
इस पर डॉक्टर स्पष्ट करती हैं कि पंजीरी न सिर्फ स्वाद में अच्छी होती है, बल्कि यह नई मां के शरीर के लिए भी फायदेमंद होती है। मां के पंजीरी खाने से बच्चे की स्किन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। पंजीरी बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजों का असर पाचन (digestion) के बाद दूध के जरिए केवल जरूरी पोषण के रूप में ही बच्चे तक पहुंचता है। इसके अलावा, यह खून बनाने और शरीर को ताकत देने में मदद करती है, जिससे बच्चे को भरपूर पोषण मिलता है। इसलिए पंजीरी खाने से बच्चे की त्वचा पर किसी भी तरह का कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ता।"
छोटे बच्चों की स्किन बहुत नाजुक और सेंसिटिव होती है और उनकी त्वचा पर तेल की ग्रंथियां (oil glands) काफी सक्रिय होती हैं। ऐसे में जब पारंपरिक तरीके अपनाते हुए बच्चे के चेहरे पर दूध, घी या मक्खन जैसी चीजें लगाई जाती हैं, तो त्वचा पर इनके जमा होने से बैक्टीरिया और फंगस पनपने का डर रहता है। इसके अलावा, ये चीजें त्वचा के रोमछिद्रों (pores) को ब्लॉक कर सकती हैं, जिससे इन्फेक्शन बढ़ सकता है। इसीलिए बच्चे की स्किन को साफ रखना बहुत जरूरी है, ताकि वह खुलकर सांस ले सके।
डॉक्टर के अनुसार, मालिश के लिए सबसे सुरक्षित और बेहतरीन विकल्प नारियल तेल (Coconut Oil) है। यह हाइपोएलर्जेनिक होता है, जिसका मतलब है कि इससे एलर्जी होने का खतरा न के बराबर होता है। नारियल तेल हल्का होता है और त्वचा में आसानी से समा जाता है। चाहे मौसम कोई भी हो, नारियल तेल से पूरे शरीर की मालिश करना बच्चे की सेहत और उसकी कोमल त्वचा के लिए सबसे अच्छा रहता है।
डिसक्लेमरःइस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।