Obesity and pancreatic cancer risk : मोटापे और पैंक्रियाटिक कैंसर के बीच संबंध पर किए गए एक नए अध्ययन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
Obesity and pancreatic cancer risk : मोटापा अब न केवल मधुमेह और हृदय रोग जैसी समस्याओं को बढ़ा रहा है, बल्कि पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic cancer) के खतरे को भी 20 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी के वेक्सनर मेडिकल सेंटर द्वारा किए गए एक शोध से इस गंभीर निष्कर्ष पर प्रकाश डाला गया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस बीमारी के बढ़ते जोखिम के प्रति जागरूकता और इससे निपटने के प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
शोध में पाया गया कि 50 वर्ष से कम उम्र के लोगों में मोटापे के कारण पैंक्रियाटिक कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसे लेकर एक अध्ययन किया गया, जिसमें पाया गया कि युवा पीढ़ी में यह बीमारी तेजी से पनप रही है। शोधकर्ता जोबेदा क्रूज-मोनसेरेट के अनुसार, "पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic cancer) की दर में हर साल लगभग एक प्रतिशत की वृद्धि हो रही है और यह 40 वर्ष की उम्र के लोगों में तेजी से पाई जा रही है।"
अध्ययन में पाया गया कि 50 वर्ष से कम आयु के आधे से अधिक लोग (53 प्रतिशत) पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic cancer) के शुरुआती लक्षणों को पहचान नहीं पाते। 37 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वे अपने जोखिम को कम करने के लिए कुछ नहीं कर सकते, जबकि एक-तिहाई से ज्यादा लोग मानते हैं कि यह कैंसर केवल वृद्ध लोगों को प्रभावित करता है। इस भ्रांति को तोड़ने के लिए जागरूकता आवश्यक है।
जोबेदा क्रूज-मोनसेरेट के अनुसार, "हम अपने जीन को नहीं बदल सकते, लेकिन अपनी जीवनशैली में सुधार कर सकते हैं।" स्वस्थ वजन बनाए रखने से न केवल पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic cancer) का खतरा कम होता है, बल्कि टाइप 2 डायबिटीज, हृदय रोग और अन्य कैंसर का जोखिम भी घटता है। मोटापा (Obesity) इन बीमारियों का प्रमुख कारण बनता जा रहा है, और इसे नियंत्रित करना बेहद महत्वपूर्ण है।
अमेरिकन कैंसर सोसायटी (एसीएस) के अनुसार, केवल 10 प्रतिशत पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic cancer) आनुवंशिक जोखिम के कारण होता है। इसमें बीआरसीए जीन, लिंच सिंड्रोम और अन्य आनुवंशिक कारक शामिल हैं। इसलिए, कई मामलों में स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से इस बीमारी का खतरा कम किया जा सकता है।
पैंक्रियाटिक कैंसर (Pancreatic cancer) के खतरे को कम करने के लिए विशेषज्ञों का मानना है कि वजन नियंत्रण सबसे प्रभावी उपाय है। स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।