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Brain Health: युवाओं को जकड़ रहा मानसिक विकार, 60% मामले 35 वर्ष से कम उम्र में

Brain Health: भारत में 60% मानसिक विकार 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को अपनी चपेट में ले रहे हैं, जिनकी शुरुआत औसतन 19 से 20 वर्ष की आयु में हो रही है। ये एक गंभीर चिंता का विषय है।
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भारत

•

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Dimple Yadav

•

Jan 30, 2026

Brain Health

Brain Health (photo- gemini ai)

Brain Health: मानसिक बीमारियां अब बुढ़ापे या मिडिल एज तक सीमित नहीं हैं, ये किशोरावस्था और युवावस्था में ही लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। भारत में लगभग 60% मानसिक विकार 35 वर्ष से कम उम्र के लोगों में देखे जा रहे हैं। ज्यादातर मामलों में इसकी शुरुआत की औसत उम्र 19 से 20 वर्ष के बीच है। भारतीय मनोरोग सोसायटी के 77वें राष्ट्रीय सम्मेलन में पेश किए गए आंकड़ों से देश में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। यह भी पता चला कि जानकारी की कमी के चलते 70-80% मानसिक विकार पीड़ितों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।

मानसिक विकारों की शुरुआत के आंकड़े (Anxiety in Teens)

  • दुनिया में 34.6% मानसिक विकार 14 वर्ष की उम्र से पहले शुरू होते हैं
  • 48.4% मामले 18 वर्ष और 62.5% 25 वर्ष की उम्र तक शुरू हो जाते हैं
  • 15-29 वर्ष की आयु वर्ग में आत्महत्या मौतों का तीसरा प्रमुख कारण
  • 2011-2021 के बीच 18-25 वर्ष आयु वर्ग में मानसिक तनाव में 101.7% की वृद्धि

मानसिक समस्याओं के प्रमुख कारण(Digital Stress Causes)

  • डिजिटल उपकरणों का बहुत ज्यादा इस्तेमाल
  • वर्चुअल दुनिया पर निर्भरता, लाइक्स-फॉलोअर्स की चाहत
  • लगातार बढ़ती शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा
  • रोजगार को लेकर अनिश्चितता
  • जागरूकता की कमी से नहीं मिल पाता समय पर इलाज

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।