Obesity Prevention: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' के 119वें एपिसोड में ओबेसिटी यानी मोटापे के मुद्दे पर चर्चा की। उन्होंने इसे एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बताते हुए, देशवासियों से इसे मात देने के लिए जीवनशैली में बदलाव करने की अपील की।
Obesity Prevention: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात' के 119वें एपिसोड में ‘ओबेसिटी यानी मोटापे' के मुद्दे पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने देशवासियों से फिट और हेल्दी नेशन बनाने के लिए ओबेसिटी से निपटने (Obesity Prevention) की अपील की और इसे लेकर एक नया चैलेंज पेश किया। उन्होंने अपने संबोधन में ओबेसिटी (Obesity) की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई और इसे देश की स्वास्थ्य समस्याओं के एक प्रमुख कारण के रूप में चिन्हित किया। पीएम मोदी ने कहा कि यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि मानसिक स्थिति, जीवनशैली और उत्पादकता पर भी नकारात्मक असर डालता है।
ओबेसिटी, जिसे मोटापा भी कहा जाता है, शरीर में अत्यधिक वसा जमा होने की स्थिति को कहा जाता है। यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो कई अन्य बीमारियों जैसे हृदय रोग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है। इसे सामान्यतः बॉडी मास इंडेक्स (BMI) के आधार पर मापा जाता है। अगर किसी व्यक्ति का BMI 30 या उससे ज्यादा है, तो उसे ओबेसिटी की श्रेणी में रखा जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ओबेसिटी को एक बड़ी चुनौती (Obesity Challenge) के रूप में देखा और देशवासियों से इसे मात देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह समय है जब हम अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर स्वस्थ और फिट रहें। उन्होंने एक नई पहल की शुरुआत करते हुए हर भारतीय से एक चुनौती दी – ओबेसिटी के खिलाफ एकजुट होकर लड़ें और अपनी सेहत को प्राथमिकता दें।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में यह भी कहा कि इस चैलेंज को अपनाने से न केवल व्यक्ति का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि यह समाज के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। एक स्वस्थ और फिट राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब हर नागरिक अपने जीवनशैली में बदलाव लाए और स्वस्थ आदतों को अपनाए।
ओबेसिटी के कारण कई गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं:
हृदय रोग: मोटापे के कारण दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ता है।
डायबिटीज: मोटापा टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाता है।
हाई ब्लड प्रेशर: ओबेसिटी का संबंध उच्च रक्तचाप से भी होता है।
स्लीप एपनिया: यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को सोते समय सांस लेने में दिक्कत होती है।
कैंसर: कुछ प्रकार के कैंसर, जैसे कोलोरेक्टल, ब्रेस्ट और किडनी कैंसर, ओबेसिटी से जुड़े हो सकते हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि एक स्टडी के अनुसार, हर आठ में से एक व्यक्ति ओबेसिटी की समस्या से जूझ रहा है। इसके साथ ही, डब्ल्यूएचओ के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में दुनिया भर में करीब ढाई सौ करोड़ लोग ओवरवेट थे, जिससे यह साबित होता है कि मोटापा एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल वयस्कों तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में भी मोटापे की समस्या चार गुना बढ़ गई है, जो चिंता का विषय है।
बॉक्सिंग चैंपियन निखत जरीन ने भी ओबेसिटी को लेकर पीएम मोदी के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि हेल्दी डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि से न केवल फिटनेस बढ़ती है, बल्कि यह प्रदर्शन पर भी सकारात्मक असर डालता है। उन्होंने मोटापे के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेने और फिट रहने के लिए रोजाना शारीरिक गतिविधि करने की आवश्यकता पर बल दिया।