स्वास्थ्य

Paracetamol Cause Cancer: बुखार की दवाई से कैंसर का खतरा

Paracetamol Cause Cancer: अगर आप हर बार बुखार या सिर दर्द में बिना सोचे पैरासिटामोल की गोली खा लेते हैं तो सावधान हो जाइए। एक नई रिसर्च में दावा किया गया है कि इस दवा का ज्यादा सेवन ब्लड और लीवर कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है।
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Updated: 18 Jun 2025, 7:10 PM IST
Paracetamol Cause Cancer
Paracetamol Cause Cancer प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो क्रेडिट- पत्रिका)

Paracetamol Cause Cancer: अगर आपको बुखार या सिर दर्द होता है और आप बिना सोचे-समझे पैरासिटामोल ले लेते हैं तो अब सतर्क हो जाइए। एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि ज्यादा मात्रा में पैरासिटामोल का सेवन करने से ब्लड कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। यह दावा अमेरिका की एक नामी रिसर्च संस्था ने किया है, जो दवाओं और कैंसर के आपसी संबंध पर कई वर्षों से काम कर रही है। इस स्टडी में खासतौर पर दर्द निवारक दवाओं में पाए जाने वाले रसायन एसिटामिनोफेन को लेकर चिंता जताई गई है।

एसिटामिनोफेन से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा!

रिसर्च में पाया गया कि पैरासिटामोल में मौजूद एसिटामिनोफेन नामक रसायन ब्लड कैंसर को बढ़ावा दे सकता है। पहले इसे केवल अस्थमा से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब इस पर नया शोध सामने आया है। सिएटल स्थित हचीसन कैंसर रिसर्च सेंटर की शोधकर्ता एमिली वाइट के अनुसार, 'हमारे पास ऐसे साक्ष्य हैं जो दिखाते हैं कि लंबे समय तक एसिटामिनोफेन का सेवन ब्लड कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।' इस दवा को लेने वालों पर नजर डालें तो उनमें कैंसर के लक्षण अधिक देखने को मिले हैं।

स्टडी में 65 हजार लोगों पर हुआ रिसर्च

इस स्टडी में अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के करीब 65,000 लोगों को शामिल किया गया था। इन सभी ने बीते दस वर्षों में कौन-सी दर्द निवारक दवाएं ली हैं, इस पर रिसर्चरों ने ध्यान दिया। शुरू में इनमें से किसी को भी कैंसर नहीं था, लेकिन छह साल के भीतर 577 लोगों में ब्लड कैंसर के लक्षण देखे गए। दिलचस्प बात यह रही कि इन संक्रमितों में से 9% लोगों ने नियमित रूप से भारी मात्रा में एसिटामिनोफेन का सेवन किया था। यह आंकड़ा काफी चिंताजनक है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

लीवर कैंसर का खतरा भी 28% तक ज्यादा

बीएमसी कैंसर जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जिन लोगों ने लंबे समय तक पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया, उनमें लीवर कैंसर का खतरा भी 28% ज्यादा देखा गया। औसतन 12.6 साल के फॉलो-अप में 627 लीवर कैंसर के केस सामने आए। ये आंकड़े दिखाते हैं कि दवा का इस्तेमाल भले ही आम है, लेकिन इसका असर बेहद गंभीर हो सकता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
18 Jun 2025, 7:10 PM IST
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