Paris Olympics : पेरिस ओलंपिक 2024 में मिस्र की तलवारबाज, नदा हाफिज ने एक ऐसी मिसाल कायम की है जो शायद आने वाले समय में खेल और मातृत्व दोनों के लिए एक प्रेरणा बन जाए।
Paris Olympics : पेरिस ओलंपिक 2024 में मिस्र की तलवारबाज, नदा हाफिज (Nada Hafez) ने एक ऐसी मिसाल कायम की है जो शायद आने वाले समय में खेल और मातृत्व दोनों के लिए एक प्रेरणा बन जाए। नदा, जो सात महीने की गर्भवती (Pregnant) थीं, ने न केवल प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लिया, बल्कि अपने पहले मैच में जीत भी हासिल की। उनकी इस जीत ने खेल जगत में गर्भवती महिलाओं के लिए एक नया नैरेटिव प्रस्तुत किया है।
साल दर साल गर्भावस्था (Pregnancy) को लेकर समाज का नजरिया बदल रहा है। गर्भवती महिलाओं को अब समाज में अधिक स्वतंत्रता और स्वीकार्यता मिल रही है। यह बदलाव सिर्फ आम महिलाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सेलिब्रिटीज भी इसे खुले दिल से अपना रही हैं। करीना कपूर, ऋचा चड्ढा, और दीपिका पादुकोण जैसी कलाकारों ने भी इस सोच को आगे बढ़ाया है कि गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान जीवन को पूरी तरह से जीया जा सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान व्यायाम करना जरूरी है, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि इसे सावधानीपूर्वक किया जाए। दिल्ली स्थित सीके बिड़ला अस्पताल (आर) की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख कंसल्टेंट के मुताबिक, तीसरी तिमाही में मध्यम और कम प्रभाव वाले व्यायाम, जैसे कि चलना, तैरना या प्रसवपूर्व योग, फिट और स्वस्थ रहने के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, हर गर्भावस्था (Pregnancy) अलग होती है, और इसी कारण से हर महिला की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें भी अलग होती हैं।
नदा हाफिज (Nada Hafez) का उदाहरण हमें यह सिखाता है कि इच्छाशक्ति से कोई भी बाधा पार की जा सकती है, लेकिन यह भी ध्यान में रखना आवश्यक है कि हर महिला की शारीरिक क्षमताएँ और प्रतिक्रियाएँ अलग होती हैं। गर्भावस्था के दौरान खेलों में हिस्सा लेना एक व्यक्तिगत निर्णय है, जिसे महिला के स्वास्थ्य और उसकी चिकित्सा आवश्यकताओं के आधार पर किया जाना चाहिए। किसी को भी दूसरों से प्रेरित होकर या किसी अन्य के अनुभव के आधार पर जोखिम नहीं लेना चाहिए।
गर्भावस्था (Pregnancy) का समय जीवन का एक अद्वितीय और अविस्मरणीय दौर होता है, जिसे भरपूर जीने के साथ-साथ, अपनी और अपने अजन्मे बच्चे की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए।