Late Night Sleep: क्या आप भी रात 11 बजे के बाद सोते हैं? जानिए देर रात सोने से लिवर, दिमाग और पाचन तंत्र को होने वाले नुकसान और सही समय पर सोने के फायदे।
Late Night Sleep: आजकल बहुत से लोग देर रात तक जागने की आदत बना चुके हैं। कोई मोबाइल पर रील्स स्क्रॉल करता रहता है, कोई देर रात खाना खाता है और फिर 12 या 1 बजे सोने की कोशिश करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रात 11 बजे के बाद सोना आपकी सेहत के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, देर रात तक जागने से शरीर के तीन बेहद जरूरी अंग लिवर, दिमाग और आंतें धीरे-धीरे प्रभावित होने लगते हैं।
रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक का समय लिवर के लिए सबसे अहम माना जाता है। इस दौरान लिवर शरीर की फिल्टर मशीन की तरह काम करता है और खून से जहरीले टॉक्सिन्स बाहर निकालता है। अगर आप इस समय जाग रहे होते हैं, तो लिवर की डिटॉक्स प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इसका नतीजा यह होता है कि चेहरे पर मुंहासे निकलने लगते हैं, शरीर में हर वक्त थकान बनी रहती है, पाचन कमजोर हो जाता है और लंबे समय में फैटी लिवर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
रात की नींद दिमाग के लिए बेहद जरूरी होती है। सोते समय दिमाग का ग्लाइम्फैटिक सिस्टम एक्टिव होकर टॉक्सिक वेस्ट को साफ करता है। देर रात तक जागने से दिमाग को यह जरूरी आराम नहीं मिल पाता। इसका असर याद्दाश्त कमजोर होना, ब्रेन फॉग, चिड़चिड़ापन, तनाव और एंग्जायटी के रूप में सामने आता है। लंबे समय तक नींद पूरी न होने से मानसिक स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है।
रात 11 बजे तक जागना पाचन के लिए भी नुकसानदायक माना जाता है। देर रात जागने से कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है, जिससे भूख और मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करने वाले हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। इसी वजह से देर रात जागने वालों में कब्ज, गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग और तेजी से वजन बढ़ने की समस्या आम हो जाती है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, रात 10 बजे से 12 बजे तक का समय ‘गोल्डन स्लीप आवर’ कहलाता है। इस दौरान शरीर खुद को रिपेयर करता है और अंदरूनी अंगों की मरम्मत होती है। बच्चों को रात 8-9 बजे, टीनेजर्स को 9-10 बजे और वयस्कों को 10 से 10:30 बजे के बीच सो जाना चाहिए।