Holi Safety Tips: होली के मौके पर कई बार गलती से रंग या गुलाल पेट में चला जाता है। अगर पेट में रंग चला जाए तो डॉक्टर के टिप्स की मदद से बाहर निकाल सकते हैं।
Holi Safety Tips: होली रंगों का त्योहार है। इस दिन जमकर रंग-गुलाल उड़ते हैं। लेकिन, ये रंग और गुलाल पेट के अंदर जाने पर आफत बन जाते हैं। कई बार होली में रंग और गुलाल पेट के अंदर चले जाते हैं। ऐसे में अगर आपके आंख, पेट के अंदर रंग और गुलाल चले जाते हैं तो आपको कुछ टिप्स अपनाने चाहिए। हमने इसके लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर से बातचीत की और ये समझा कि पेट के अंदर रंग-गुलाल जाने पर क्या करना चाहिए? डॉक्टर ने बताया है कि पेट में रंग गुलाल चले जाने पर क्या करना सेहत के लिए फायदेमंद रहेगा।
बाजार में बिकने वाले अधिकतर रासायनिक युक्त रंगों में केमिकल्स होते हैं। जैसे- इन रंगों में लेड, कैडमियम, एल्युमिनियम ब्रोमाइड, मरकरी सल्फेट और काॅपर सल्फेट जैसे हेवी मेटल होते हैं, जो शरीर के बाहरी और भीतरी दोनों ही हिस्सों के लिए खतरनाक हैं। अगर ये रंग गलती से मुंह, नाक, कान और त्वचा के रोम छिद्रों के जरिए अंदर चले गए तो हेल्थ को बिगाड़ने का काम करते हैं। ये केमिकल्स किडनी और लीवर के लिए घातक हो सकते हैं।
केमिकल्स वाले रंगों से क्या होता है?
डॉ. अर्जुन राज, आयुर्वेदिक चिकित्सक कहते हैं, "पेट में रंग जाने से पेट दर्द, चक्कर, मतली आदि की समस्या हो सकती है। रंग में मिले केमिकल्स के कारण इस तरह की समस्या होती है। इसलिए रंग पेट में चले जाने पर अनदेखा ना करें।"
अगर आपको उपरोक्त किसी प्रकार का लक्षण दिखता है तो समझें कि रंग प्रभाव दिखा रहा है। अगर गलती से रंग या गुलाल पेट के अंदर चला गया है तो फौरान कुछ उपाय करें। इससे आपके अंग बच सकते हैं।
डॉक्टर अर्जुन के अनुसार, वमन क्रिया, आयुर्वेद की एक चिकित्सीय प्रक्रिया है। इसमें उल्टी कराकर शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाला जाता है। इसे मेडिकल एमेसिस या मेडिकल वोमिटिंग भी कहा जाता है। हालांकि, ये क्रिया किसी एक्सपर्ट की देखरेख में करना सही होता है।
डॉक्टर के पास कब जाएं?
अगर रंग के जाने से आपको एलर्जी अधिक हो रही है, पेट दर्द अधिक हो रहा है या उल्टी बहुत अधिक हो रही है तो ऐसी स्थिति में फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। क्योंकि, कई बार रंगों में खतरनाक केमिकल्स की मात्रा अधिक होने से समस्या बढ़ जाती है।
आंख में रंग-गुलाल जाने पर आंख को साफ पानी से फौरन धोएं। पानी बहुत अधिक ठंडा या गर्म नहीं होना चाहिए। अधिक ठंडा या गर्म पानी आंख को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए नॉर्मल पानी से धोएं और बहुत अधिक रगड़े नहीं। साथ ही किसी तरह का आई ड्रॉप डॉक्टर से पूछकर ही यूज करें। कोशिश करें कि आप सनग्लास पहनकर ही रंग या गुलाल खेलें या रंग-गुलाल खेलते वक्त आंख का बचाव करें।