स्वास्थ्य

Red Wine Myth: रेड वाइन को आप समझ रहे थे हेल्दी, डॉक्टर ने बताया लिवर के लिए जहर, जानिए किडनी पर क्या होता है असर

Red Wine Myth : कई लोग मानते हैं कि रोज एक गिलास रेड वाइन पीना दिल के लिए अच्छा होता है, लेकिन डॉक्टर सौरभ सेठी का कहना है कि फैटी लिवर के मरीजों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। जानें क्यों रेड वाइन नुकसान करती है और कैसे बढ़ाती है लिवर डैमेज का खतरा।
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Updated: 31 Oct 2025, 11:07 AM IST
Red Wine Myth
Red Wine Myth (PHOTO- gemini ai)

Red Wine Myth: कई सालों से ऐसी मान्यता रही है कि रोज एक ग्लास रेड वाइन पीने से दिल की सेहत बेहतर रहती है। लेकिन अब डॉक्टरों ने इस धारणा को गलत बताया है। दरअसल, हार्वर्ड-ट्रेंड गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और लिवर स्पेशलिस्ट डॉ. सौरभ सेठी ने बताया कि रोजाना वाइन पीना खासकर उन लोगों के लिए खतरनाक है जिन्हें फैटी लिवर या MASLD (Metabolic dysfunction-associated steatotic liver disease) की समस्या है।

डॉ. सेठी ने हाल ही में एक केस शेयर किया जिसमें एक मरीज ने सालों तक रेड वाइन को दिल की दवा समझकर पीया और नतीजे में उसका लिवर बुरी तरह खराब हो गया। मरीज को लिवर सिरोसिस हो गया और आखिरकार उसे लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ी।

रेड वाइन फैटी लिवर के लिए नुकसानदायक

डॉ. सेठी के अनुसार, फैटी लिवर या MASLD की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए अल्कोहल की कोई भी मात्रा सुरक्षित नहीं होती। चाहे वो बीयर हो, वाइन या व्हिस्की शराब लिवर में इंफ्लेमेशन (सूजन), फैट जमा होने और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ाती है। समय के साथ यही समस्या फाइब्रोसिस और सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारियों में बदल जाती है।

कई लोग यह मानते हैं कि रेड वाइन में मौजूद रेसवेराट्रॉल नामक तत्व दिल के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन डॉ. सेठी ने साफ कहा कि अल्कोहल के नुकसान इन छोटे-छोटे फायदों से कहीं ज्यादा हैं। खासकर अगर आपका लिवर पहले से कमजोर है।उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि यह बात डराने के लिए नहीं है, बल्कि एक मिथक तोड़ने के लिए है जो बहुत से लोगों को धीरे-धीरे बीमार कर रहा है।

क्या करें ताकि लिवर स्वस्थ रहे

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जानिए किडनी पर क्या होता है असर

रेड वाइन का असर किडनी पर उल्टा पड़ सकता है। इसमें मौजूद अल्कोहल किडनी की फिल्टरिंग क्षमता को कम करता है, जिससे शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं। लंबे समय तक रेड वाइन पीने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है। अगर किसी को पहले से किडनी से जुड़ी समस्या है, तो रेड वाइन की थोड़ी मात्रा भी नुकसानदायक हो सकती है।

सबसे जरूरी बात

फैटी लिवर आज एक साइलेंट एपिडेमिक बन चुका है। ज्यादातर लोगों को इसके बारे में तब पता चलता है जब बीमारी बहुत बढ़ चुकी होती है। डॉ. सेठी का संदेश साफ है कि अगर आपको फैटी लिवर है, तो शराब आपके लिवर के लिए पेट्रोल की तरह है। जितनी ज्यादा पिएंगे, उतनी जल्दी आग बढ़ेगी। इसलिए, दिल के लिए रोज एक ग्लास वाइन वाला भ्रम छोड़िए और अपनी असली सेहत की रक्षा कीजिए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
Updated on:
31 Oct 2025, 11:07 AM IST
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