
वयस्कों और बच्चों में एज रिग्रेशन के लक्षण, कारण और बचाव की पूरी जानकारी- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Age Regression Symptoms: अचानक बिना किसी बड़ी वजह के रोने लगना, बात करते-करते हकलाने या बच्चों जैसी आवाज (Baby Talk) निकालने लगना, या किसी तनाव भरे पल में अंगूठा चूसने जैसा मन करना, ये ऐसी चीजें हैं जो रोजमर्रा की जिंदगी में अचानक देखने को मिल सकती हैं। जब कोई वयस्क या बड़ा बच्चा तनाव के माहौल में अचानक अपने से बहुत छोटी उम्र के बच्चे जैसा व्यवहार करने लगे, तो चिकित्सा विज्ञान में इसे एज रिग्रेशन (Age Regression) कहा जाता है। यह कोई नाटक या बहाना नहीं है, बल्कि मन और दिमाग का एक सुरक्षा कवच (Defence Mechanism) है। आइए जानते हैं कि Age Regression क्या होता है और इसके लक्षण क्या होते हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब जिंदगी का दबाव, डर या कोई पुराना सदमा बर्दाश्त से बाहर होने लगता है, तो इंसान का दिमाग अनजाने में ही सही, उस उम्र के बर्ताव में लौट जाता है जहां उसे सबसे ज्यादा सुरक्षित और बेफिक्र महसूस होता था। यह दो तरीकों से हो सकता है;
हेल्थलाइन के मुताबिक, अगर आपके आसपास या परिवार में कोई व्यक्ति तनाव के समय अचानक नीचे दिए गए बदलाव दिखाए, तो इसे ध्यान से समझने की जरूरत है;
यह सिर्फ आम तनाव की वजह से भी हो सकता है और किसी अंदरूनी मानसिक स्थिति का संकेत भी। मुख्य वजहों में शामिल हैं;
बच्चों में कभी-कभार ऐसा बर्ताव होना विकास का एक हिस्सा हो सकता है। लेकिन अगर किसी वयस्क में यह समस्या हफ्ते-दर-हफ्ते बनी रहे, काम-काज पर असर डाले, या उनके आपसी रिश्तों को प्रभावित करने लगे, तो डॉक्टर या थेरेपिस्ट (Mental Health Professional) से परामर्श लेना बहुत जरूरी है। इसे डांटकर या शर्मिंदा करके ठीक नहीं किया जा सकता। थेरेपी (जैसे टॉकिंग थेरेपी) और सही सपोर्ट के ज़रिए व्यक्ति को यह सिखाया जाता है कि तनाव से बच्चों की तरह भागने के बजाय उसका सामना कैसे किया जाए।
Published on:
24 Oct 2026, 10:30 AM IST
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