Colored Contact Lenses : फिल्मी सितारों से प्रेरित होकर युवा अलग और खूबसूरत दिखने की चाह में कलर्ड कॉन्टेक्ट लेंस (Colored Contact Lenses) का उपयोग कर रहे हैं।
Colored Contact Lenses : फिल्मी सितारों से प्रेरित होकर युवा अलग और खूबसूरत दिखने की चाह में कलर्ड कॉन्टेक्ट लेंस (Colored Contact Lenses) का उपयोग कर रहे हैं। इन दिनों यह फैशन का सिंबल भी बन गया है। युवा कॉस्मेटिक कलर कॉन्टेक्ट लेंस के जरिए आंखें सजा रहे हैं।
side effects of wearing coloured contact lenses : हालांकि खूबसूरती के चक्कर में थोड़ी सी लापरवाही आंखों पर भारी भी पड़ रही है। बाजार में डिस्पोजल और स्टैण्डर्ड लेंस उपलब्ध है। सावधानी न बरतने और ज्यादा देर लैंस का इस्तेमाल नुकसानदायक साबित हो रहा है। चिकित्सकों के पास ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। कॉन्टेक्ट लेंस (Contact Lenses) पहनने वाले आंख में जलन व खुजली की शिकायत लेकर चिकित्सकों के पास पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो लापरवाही कॉर्नियल अल्सर का रूप भी ले रही है।
चिकित्सकों के मुताबिक घटिया क्वालिटी के लेंस के कारण कॉर्निया को पूर्ण रूप से ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इससे कॉर्निया धुंधला हो जाता है। लबे समय तक कॉन्टेक्ट लेंस (Contact Lenses) के इस्तेमाल से आंखों को तरल पदार्थ लेने में कठिनाई होती है, कॉर्निया के आसपास की खून की वाहिकाओं और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है, जिससे आंखें खराब होने लगती हैं।
लालकोठी निवासी युवती खुशबू नेहरा ने बताया कि पार्टी में कलर्ड कॉन्टेक्ट लेंस (Colored Contact Lenses) पहन कर गईं। सोते वक्त लेंस हटाना भूल गई। अगले दिन सुबह उनकी आंखों में सूजन आ गई। आंखों में काफी दर्द हुआ और उन्हें पूरी तरह से खोलना मुश्किल हो रहा था। हॉस्पिटल में जाकर लेंस निकलवाना पड़ा।
मानसरोवर निवासी युवक अमरदीप कक्कड़ ने बताया कि उनकी आंखों में एलर्जी थी। सही जानकारी नहीं होने से वे रोज ऑफिस में कॉन्टेक्ट लेंस (Contact Lenses) पहन कर रखते थे। धीरे—धीरे आंखें लाल रहने लगी, सूजन आ गई। आंखों से पानी आना शुरू हो गया। डॉक्टर को दिखाया तो तीन हते इलाज चला।