सर्दी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है, ऐसे में अब सचेत रहने की जरूरत है। इस मौसम में हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है। जिस तरह से युवाओं में हार्ट अटैक की संभावनाएं बढ़ रही हैं, उस स्थिति को देखते हुए सेहत के प्रति अवेयर रहना जरूरी है।
सर्दियों का मौसम शुरू हो गया है धीरे-धीरे तापमान में गिरावट आने लगी है। इसका असर सेहत पर भी पड़ना शुरू हो गया है। सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार हाइपरटेंशन, डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को ज्यादा सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। इस समय हृदय रोग का सर्वाधिक खतरा रहता है। तेज सर्दी में कार्डियक संबंधित समस्याओं से लेकर ब्रेन स्ट्रोक और लकवे का भी खतरा रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी बढ़ने के साथ-साथ अस्पतालों के आउटडोर में हृदय रोगियों की संख्या में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि हो रही है।
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बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें
सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.शशि मोहन शर्मा का मानना है कि हाइपरटेंशन के मरीजों में हार्ट डिजीज होने की संभावना अधिक होती है। उन्हें अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं डायबीटीज के मरीज को स्ट्रोक होने की संभावना अधिक होती है। सर्दी में शरीर को गर्म रखें। दर्द, जकड़न जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करें। चिकित्सक की परामर्श के बिना दवा न लें।
ऐसे बढ़ता है खतरा
सर्दी में आर्टरी सिकुड़ जाती है। आर्टरी में ब्लड भेजने के लिए हार्ट को ज्यादा काम करना पड़ता है।
ऑक्सीजन की कमी।
क्लॉटिंग का खतरा।
हृदय में ब्लड फ्लो तेज हो जाता है। सर्दी में तली भुना भोजन अधिक करना।
शराब और स्मोकिंग का अधिक सेवन।
तनाव और डिप्रेशन।
शारीरिक व्यायाम न करना।