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पीठ में दर्द हो तो कब डॉक्टर के पास जाना हो जाता है जरूरी, NHS ने बताए 8 संकेत

Back Pain: पीठ का दर्द हल्का-फुल्का होने से लेकर तेज चुभन, जलन या नुकीली चीज चुभने जैसा भी हो सकता है, जो कभी-कभी पैरों तक फैल जाता है। आइए जानते हैं NHS के बताए वो 8 संकेत जो अगर दिखे तो पीठ के दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

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भारत

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Nidhi Yadav

Jun 11, 2026

Symptoms of severe back pain ,When to see a doctor for back pain,NHS back pain warning signs

कभी-कभी पीठ का यह दर्द किसी बड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Back Pain: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब पोस्चर और घंटों कुर्सी पर बैठे रहने के कारण पीठ दर्द होना एक आम बात बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी-कभी पीठ का यह दर्द किसी बड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है?

अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि उन्हें अपने पीठ दर्द के लिए कब तक इंतजार करना चाहिए और कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है। यूनाइटेड किंगडम (UK) की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) ने 8 ऐसे संकेत बताए हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए जानते हैं कि कब डॉक्टर के पास जाना हो जाता है जरूरी।

पीठ का दर्द कैसे शुरू होता है?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, पीठ का दर्द कई तरह का हो सकता है, जैसे मांसपेशियों में हल्का-हल्का मीठा दर्द होना, अचानक तेज चुभन या जलन महसूस होना, या फिर ऐसा लगना जैसे पीठ में कोई नुकीली चीज चुभ रही हो। कभी-कभी यह दर्द पीठ से शुरू होकर नीचे पैरों तक भी पहुंच जाता है। इसके अलावा, झुकने, शरीर को मोड़ने, कोई भारी सामान उठाने, या फिर ज्यादा देर तक खड़े रहने और चलने से यह दर्द और भी ज्यादा बढ़ सकता है।

1. हफ्तों तक घरेलू इलाज के बाद भी सुधार न होना-

अगर आप अपनी पीठ के दर्द के लिए कई हफ्तों से घरेलू उपाय अपना रहे हैं, जैसे सिकाई करना, दर्द निवारक बाम लगाना या आराम करना और फिर भी दर्द में कोई सुधार नहीं हो रहा है, तो यह इस बात का संकेत है कि दर्द के पीछे की वजह कुछ और है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।

2. रोजमर्रा के कामों में रुकावट आना-

जब पीठ का दर्द इतना बढ़ जाए कि वह आपकी सामान्य दिनचर्या को प्रभावित करने लगे, तो इसे हल्के में न लें। अगर दर्द के कारण आपको उठने-बैठने, चलने या अपने दफ्तर और घर के रोज के काम करने में बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।

3. दर्द के कारण चिंता रहना-

यदि आप अपनी पीठ के दर्द को लेकर बहुत ज्यादा चिंतित रहने लगे हैं या यह दर्द असहनीय हो चुका है जिससे आपकी मानसिक शांति प्रभावित हो रही है, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। दर्द से जूझने के बजाय सही सलाह लेना ही बेहतर कदम है।

4. अचानक वजन कम होना-

अगर आपको पीठ में दर्द है और इसके साथ ही बिना किसी डाइटिंग या एक्सरसाइज के आपका वजन लगातार कम हो रहा है, तो यह एक गंभीर संकेत है। अनजाने में वजन कम होना शरीर के में किसी गंभीर समस्या की तरफ इशारा करता है।

5. पीठ में सूजन या आकार बदलना-

अपनी पीठ को छूकर या आईने में जरूर चेक करें। यदि आपको पीठ के किसी हिस्से में कोई गांठ या सूजन महसूस हो रही है, या फिर आपको लगता है कि आपकी रीढ़ की हड्डी या पीठ का प्राकृतिक आकार बदल गया है, तो यह तुरंत डॉक्टर के पास जाने का संकेत है।

6. आराम करने पर भी दर्द कम न होना-

आमतौर पर पीठ का दर्द आराम करने या लेटने से कम हो जाता है। लेकिन अगर आपका दर्द आराम करने के बाद भी कम नहीं हो रहा है, या फिर रात के समय सोते वक्त यह दर्द और भी ज्यादा हो जाता है, तो यह किसी गंभीर सूजन या रीढ़ की हड्डी की समस्या का लक्षण हो सकता है।

7. छींकने या शौच के वक्त बढ़ना-

जब आप छींकते हैं, खांसते हैं या फिर शौच के लिए जाते हैं, और उस वक्त पीठ में अचानक बहुत तेज झटका या दर्द महसूस होता है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यह रीढ़ की हड्डी की नसों पर दबाव पड़ने का संकेत हो सकता है।

8. ऊपरी हिस्से (कंधों के बीच) में दर्द होना-

ज्यादातर लोगों को पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है, जो कि सामान्य है। लेकिन एनएचएस (NHS) के अनुसार, अगर आपका दर्द पीठ के बिल्कुल ऊपरी हिस्से में यानी दोनों कंधों के बीच से शुरू हो रहा है, तो डॉक्टर को दिखाना बहुत जरूरी है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।