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Secrets to long life: क्या भारतीयों की औसत उम्र 100 साल हो सकती है?

Secrets to long life: क्या भारतीय भी जी सकते हैं सौ साल, पर इसके लिए जरूरी है लाइफस्टाइल में बड़े बदलाव की...

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Feb 26, 2026
Longevity in Indians

क्या सचमुच 100 साल तक जीना संभव है? और अगर हां, तो क्या यह केवल किस्मत और जेनेटिक्स पर निर्भर करता है, या हमारी रोज़मर्रा की आदतें भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती हैं? हाल की हुई एक रिसर्च बताती है कि जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव समय से पहले मौत के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

एक अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र के बाद कुछ अच्छी आदतों को लगातार अपनाए तो समय से पहले मृत्यु का जोखिम काफी घट सकता है। उदाहरण के तौर पर –

  • हफ्ते में पांच दिन कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज़ करने से जीवन की संभावना लगभग 40 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ सकती है।
  • कभी भी स्मोकिंग या शराब सेवन न करने वालों में लंबी उम्र की संभावना करीब 30 प्रतिशत अधिक पाई गई।
  • संतुलित शाकाहारी या प्लांट-बेस्ड डाइट अपनाने वालों में बेहतर स्वास्थ्य की संभावना लगभग 20 प्रतिशत ज्यादा देखी गई।
  • रोज़ाना 7 घंटे की अच्छी नींद भी जीवन को कई साल आगे बढ़ा सकती है।
  • सामाजिक रूप से जुड़े रहना—परिवार और दोस्तों से मिलना-जुलना भी सकारात्मक असर डालता है।

इन्हीं बिंदुओं पर हमने मेडिकल फील्ड के विशेषज्ञों से भी बात की है। इस मसले पर दिल्ली के बीएल कपूर मैक्स अस्पताल में इंटरनल मेडिसन विभाग के डॉ. विवेक पाल सिंह अब जीवन जीने के Holistic तरीकों से ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। उनका मानना है कि लंबी उम्र का गणित जटिल नहीं है, बल्कि अनुशासन, मिनिमलिज़म यानी थोड़े में संतोष रखने और संतुलन पर आधारित है।

लंबी उम्र के रहस्य को समझने के लिए अमेरिकी शोधकर्ता Dan Buettner ने National Geographic के साथ मिलकर दुनिया के उन इलाकों की पहचान की, जहां लोग असाधारण रूप से लंबा और स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। वर्ष 2000 के आसपास शुरू हुई इस खोज में विश्व मानचित्र पर जिन जगहों को चिह्नित किया गया, वे बाद में वे 'ब्लू ज़ोन' कहलाए। मैप पर ये निशान ब्लू मार्कर से लगाए गए थे इसलिए दुनिया के 5 शहरों को अब ब्लू जोन के नाम से जाना जाता है। ये जगह हैं...

1. Sardinia, इटली

इटली के इस पहाड़ी क्षेत्र में पुरुषों के 100 वर्ष से अधिक जीने के कई उदाहरण मिले। यहां के लोगों की जीवनशैली सरल है। वे स्थानीय रूप से उगाई गई सब्जियां, फल और अनाज खाते हैं। परिवार एक साथ रहता है, बुजुर्गों का सम्मान होता है और सामाजिक जुड़ाव मजबूत है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जेनेटिक्स के साथ-साथ सामुदायिक जीवन यहां की लंबी उम्र का बड़ा कारण है।

2. Okinawa, जापान

यह द्वीप खासकर महिलाओं की लंबी उम्र के लिए जाना जाता है। यहां के लोग 'इकिगाई' में विश्वास रखते हैं यानी जीवन का उद्देश्य या हर सुबह उठने की वजह। कम कैलोरी वाला भोजन, बागवानी, हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधि और तनावमुक्त जीवन यहां आम है। रिटायरमेंट के बाद भी यहां के लोग सक्रिय रहते हैं।

3. Nicoya Peninsula, कोस्टा रिका

यहां के लोगों की औसत उम्र 90 वर्ष के आसपास पाई गई। शोध बताते हैं कि यहां के पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम की मात्रा अधिक है, जो हड्डियों और हृदय के लिए फायदेमंद है। यहां पर अधिकांश लोग खेती करते हैं, पैदल चलते हैं और प्रकृति के करीब रहते हैं।

4. Ikaria, ग्रीस

इस द्वीप के लोग अमेरिकी औसत से लगभग 8 वर्ष अधिक जीते हैं। यहां डिमेंशिया के मामले भी कम पाए गए। हरी सब्जियां, जैतून का तेल का खाने में प्रयोग, नियमित सैर और कम तनाव लेना उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं।

5. Loma Linda, अमेरिका

कैलिफोर्निया का यह शहर एक खास समुदाय के कारण जाना जाता है, जो शराब और सिगरेट से दूर रहता है। अधिकतर लोग शाकाहारी हैं और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं। एक-दूसरे के प्रति सहयोग और देखभाल की भावना यहां मजबूत है।

इन सभी स्थानों में औसत उम्र 83 से 86 वर्ष के बीच देखी गई है।

इन सभी में क्या है कॉमन?

इन पांचों क्षेत्रों के लोगों की जीवनशैली में कुछ समानताएं स्पष्ट हैं:

  1. कम खाना, संतुलित खाना – कई जगह लोग भूख से लगभग 15–20 प्रतिशत कम भोजन करते हैं। माना जाता है कि इससे शरीर की कोशिकाएं लंबे समय तक सक्रिय रहती हैं।
  2. प्लांट-बेस्ड डाइट – मौसमी फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें भोजन का आधार हैं।
  3. मजबूत सामाजिक संबंध – परिवार और समुदाय से जुड़ाव अकेलेपन और अवसाद को कम करता है।
  4. सक्रिय जीवन – जिम की जगह रोजमर्रा की गतिविधियां—चलना, बागवानी, खेत में काम।
  5. जीवन का उद्देश्य – चाहे उसे इकिगाई कहें या सेवा भावना, लोगों के पास जीने की वजह है।

भारत की स्थिति

दुनिया में औसत उम्र लगभग 73–74 वर्ष है। भारत में यह अब 71–72 वर्ष तक पहुंच चुकी है, जबकि 1990 में यह करीब 60 वर्ष थी। अनुमान है कि 2050 तक भारतीयों की औसत आयु 75–80 वर्ष तक हो सकती है।

भारतीयों की ताकत क्या है?

  • ताजा और घर का बना खाना
  • मजबूत पारिवारिक ढांचा
  • धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव

लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं भारतीयों की:

  • जंक फूड, ज्यादा नमक और चीनी
  • शारीरिक निष्क्रियता
  • प्रदूषण, खासकर महानगरों में
  • नींद की कमी

एम्स के जिरिएट्रिक डिपार्टमेंट यानी बुजुर्गों की बीमारियों से जुड़े विभाग को लंबे समय तक संभाल चुके डॉ. प्रसून चटर्जी के मुताबिक सप्ताह में पांच दिन 30 मिनट की तेज चाल से सैर, हृदय रोग और डायबिटीज़ के खतरे को काफी कम कर सकती है। 6–8 घंटे की अच्छी नींद भी शरीर की मरम्मत और हार्मोन संतुलन के लिए जरूरी है।

विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि लंबी उम्र में जेनेटिक्स की भूमिका लगभग 40–50 प्रतिशत तक हो सकती है, लेकिन बाकी हिस्सा पूरी तरह हमारी जीवनशैली पर निर्भर करता है।

लंबी उम्र का राज किसी चमत्कार या महंगे इलाज में नहीं छिपा है। यह छिपा है—सादा भोजन, नियमित गतिविधि, अच्छी नींद, मजबूत रिश्तों और जीवन के उद्देश्य में।

शुरुआत आज से कीजिए—30 मिनट की सैर, थाली में ज्यादा सब्जियां, मोबाइल से थोड़ी दूरी और अपनों के साथ थोड़ा ज्यादा समय। शायद यही है जुग-जुग जीने का असली मंत्र।

Updated on:
26 Feb 2026 04:21 pm
Published on:
26 Feb 2026 04:20 pm
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